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करोड़ों की संपत्ति त्याग संन्यासी बनने जा रही हैं दो सगी बहनें, 9 देशों की ट्रिप भी बदल न पाई फैसला

13 मार्च के दिन दीक्षा लेकर पिता की करोड़ों की संपत्ति का त्याग कर दोनों बहनें संन्यासी बन जाएंगी

करोड़ों की संपत्ति त्याग संन्यासी बनने जा रही हैं दो सगी बहनें, 9 देशों की ट्रिप भी बदल न पाई फैसला
विदेशी जीवन और चकाचौंध से ज्यादा दृष्टि और पूजा को संन्यासी जीवन अच्छा लगा

चेतन पटेल/नियति त्रिवेदी, सूरत: सूरत के टेक्सटाइल उद्योगपति की दो बेटी दृष्टि और पूजा दोनों सगी बहने हैं. दोनों ने स्वेच्छा से यह फैसला लिया है कि 13 मार्च के दिन दीक्षा लेकर पिता की करोड़ों की संपत्ति का त्याग कर संन्यासी बन जाएंगी. उनके इस कदम को रोकने के लिए उनके परिवार वालों ने तमाम कोशिशें की लेकिन सब नाकाम रहीं. दोनों बहनों को 9 देशों का भ्रमण करवाया गया. सबसे महंगे क्रूज की सवारी भी करवाई गई. लेकिन बेटियों को वह सब भी अच्छा नहीं लगा.

बेटियों को करवाया 9 देशों का सफर फिर भी टिकी रहीं अपने फैसले पर
सूरत के एक मालवाडा परिवार की दोनों बेटियों को अब तक परिवार ने सारे सुख और सुविधा दिए हैं. लेकिन फिर भी परिवार द्वारा दिए गए सुख-साधनों से आकर्षित होने की बजाय संन्यासी जीवन उन्हें आकर्षित कर रहा है. उसी वजह से मार्च महीने में दो सगी बहनें एक साथ दीक्षा लेने जा रही हैं. दोनों बेटियों ने जब अपने मन की बात परिवार के सामने रखी और कहा कि वे लोग दीक्षा लेना चाहते हैं तब परिवार काफी आश्चर्यचकित हो गया था. जिसके बाद इतनी छोटी उम्र में दीक्षा लेने का फैसला करने वाली दोनों बेटियों की परीक्षा लेने के लिए उन्हें 9 देशों का सफर करवाया गया, सबसे महंगे क्रूज में ट्रिप भी करवाई गई. लेकिन उनका फैसला अडिग रहा.

बेटियां दीक्षा ले रही हैं उससे माता खुश हैं
विदेशी जीवन और चकाचौंध से ज्यादा दृष्टि और पूजा को संन्यासी जीवन अच्छा लगा. जिन दोनों बेटियों को परिवार के लोगों ने राजकुमारी की तरह बड़ा किया है वे बहुत कम वक्त में भिक्षुक जीवन बिताएंगी. इस बारे में दोनों बेटियों की मां ने कहा कि दोनों बेटियों को यह बताना जरुरी था कि संन्यासी जीवन काफी कठिन है. भौतिक जीवन में सुख होता है. जिससे आने वाले वक्त में उन्हें यह न लगे कि उन्होंने भौतिक जीवन देखा ही नहीं है. इसलिए हमने उनको विदेश का सफर भी करवाया. हमें खुशी है कि हमारी बेटियां अपने फैसले पर टिकी रहीं. एक मां के लिए यह काफी मुश्किल वक्त होता है लेकिन बेटियां दीक्षा ले रही हैं उस बात का हमें गर्व है.

सूरत के एक प्रतिष्ठित परिवार की है कहानी
आपको बता दें कि सूरत के इस परिवार को समाज के लोग काफी प्रतिष्ठित परिवार के तौर पर पहचानते हैं. सालों से टेक्सटाइल उद्योग के साथ जुड़े इस परिवार में किसी भी चीज की कमी नहीं है. परिवार ने 17 साल की बेटी दृष्टि और 14 साल की बेटी पूजा की एक भी इच्छा ऐसी नहीं होगी जो पूरी नहीं की होगी. लेकिन फिलहाल वो एक साथ संन्यास लेने जा रही हैं.