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उदयपुर: पानी से लबालब झीलों के बावजूद बूंद-बूंद को तरह रही जनता, जानें पूरा मामला...

दुनिया में झीलों की नगरी के नाम से विख्यात उदयपुर शहर के वासिंदों को मानसून सीजन के खत्म होने के बाद भी पेयजल की लिए तरसना पड़ रहा है.

उदयपुर: पानी से लबालब झीलों के बावजूद बूंद-बूंद को तरह रही जनता, जानें पूरा मामला...
पिछले कई महीनों से लोग पानी की समस्या का सामना कर रहे है.

अविनाश जगनावत/उदयपुर: 'दिया तले अंधेरा' यह कहावत इन दिनों झीलों के शहर उदयपुर में शत प्रतिशत खरी उतर रही है.लेकसिटी के झीले अच्छी बारिश के बाद छलक रही है, लेकिन यहां के लोग पानी की एक-एक बूंद को तरस गए हैं. 

दुनिया में झीलों की नगरी के नाम से विख्यात उदयपुर शहर के वासिंदों को मानसून सीजन के खत्म होने के बाद भी पेयजल की लिए तरसना पड़ रहा है. पिछले कई महीनों से पानी की समस्या का सामना कर रहे लोगों को सडकों पर उतर कर जिम्मेदारों को अपनी समस्या से अवगत कराना पड़ रहा है. सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि यह सब उस समय हो रहा है जब इन्द्र देव की मेहरबानी के बाद शहर के अधिकांश झीलें पानी लबालब हो गई हैं.

वहीं, पानी के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों को साफ कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी के कमी थी तो उन्होने टैंकर मंगवा कर अपनी जरूरत को पूरा किया लेकिन अब भी उन्हे पानी के लिए सप्ताह में एक से दो बार पानी का टैंकर मंगवाना पड़ रहा है. यहां तक कि वह कई बार अपनी समस्याओं को लेकर लोग जिम्मेदार अधिकारियों के पास भी गए लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है. 

पीएचईडी के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाई का आलम यह है कि लाखों रूपए खर्च कर नगर निगम ने कुछ स्थानों पर पानी की टंकियां बनवाई, लेकिन जलदाय विभाग उन टंकियों से पानी की सप्लाई शुरू करने का काम 6 महीने बाद भी नहीं कर सका. यही कारण है कि अब लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है.

खबर के मुताबिक, पेयजल की समस्या का सामना शहर के उपनगरीय इलाकों में बसी कॉलोनी के लोग को करना पड़ रहा है. जिसमें कई पोश कॉलोनियां भी शामिल हैं. लोगों का कहना है कि पानी की उपलब्धता के बाद भी पीएचईडी विभाग पूरा पानी उपलब्ध नहीं करा रहा है. यही नहीं पेजल सप्ताई का समय भी तय नहीं कर रखा है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई है. यहां तक कि लोगों ने तो विभाग के अधिकारियों पर निजी टैंकर संचालकों से सांठ गांठ के साथ कमीशन के कारण उपनगरिय इलाकों में पेजल सप्ताई को बाधित रखने का आरोप लगाया है.

अच्छे मानसून के बाद शहर की झीलों में हुई पानी के आवक के बाद भी पेजल की समस्या से जूझ रहे लोगों के सब्र अब टूटने लगा है. हालांकि पेयजल समस्या से परेशान लोग अभी अपने-अपने क्षेत्र में ही प्रदर्शन कर रहे है, लेकिन अगर समय रहते इनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पानी को लेकर झीलों के शहर में एक बड़ा आन्दोलन हो सकता है.