उद्धव ठाकरे ने कहा- जो हुआ उससे यही लगता है कि अब आगे चुनाव नहीं करवाए जाने चाहिए

शिवसेना प्रमुख ने कहा कि 'आज जो हुआ उससे यही लगता है कि अब आगे चुनाव नहीं करवाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा ऐसा लगता है कि अब सीधे ही सरकार बनवानी चाहिए. ' 

उद्धव ठाकरे ने कहा- जो हुआ उससे यही लगता है कि अब आगे चुनाव नहीं करवाए जाने चाहिए
(फोटो साभार - ANI)

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में शनिवार सुबह बीजेपी (BJP) सरकार बनने के बाद शिवसेना (Shiv Sena) प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि उन्हें शिवसेना के विधायकों को तोड़ने दो, महाराष्ट्र सोता नहीं रहेगा.  शरद पवार शिवसेना और एनसीपी (NCP) के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे जिसमें शरद पवार (Sharad Pawar) भी मौजूद थे. 

शिवसेना प्रमुख ने कहा कि 'आज जो हुआ उससे यही लगता है कि अब आगे चुनाव नहीं करवाए जाने चाहिए. उन्होंने कहा ऐसा लगता है कि अब सीधे ही सरकार बनवानी चाहिए. ' उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी बिहार और हरियाणा में जो किया उसे सब जानते हैं लेकिन हम जो भी करते हैं खुल्लम खुल्ला करते हैं. 

वहीं प्रेस कॉन्फ्रेंस में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने दावा किया कि बीजेपी और अजित पवार सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे, अंतिम बाजी हम ही जीतेंगे. शरद पवार ने कहा कि हम बीजेपी के सख्त खिलाफ है. उन्होंने फिर दोहराया कि अजित पवार ने खुद बीजेपी को समर्थन देने का फैसला किया. शरद पवार ने कहा है कि यह सुबह ही पता चल गया था कि कोई दूसरा सरकार बनाने जा रहा है.

शरद पवार ने कहा कि कुछ विधायकों को सुबह अजित पवार ले गए जबकि इन विधायकों को यह अंदाजा नहीं था कि उन्हें किस लिए ले जा जाया जा रहा है. इस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ एनसीपी विधायकों ने अपनी बात भी रखी. 

बता दें महाराष्ट्र  की राजनीति में शनिवार सुबह वह हुआ जिसकी किसी ने कल्पना तक नहीं की थी. शुक्रवार रात तक जहां कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना की सरकार बनने बनती दिख रही थी लेकिन जब सुबह देश के लोग उठे तो उन्होंने देवेंद्र फडणवीस को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार को डिप्टी सीएम का पद की शपथ लेते हुए देखा. 

सरकार बनने के बाद शरद पवार ने ट्वीट कर यह कहा कि अजित पवार का बीजेपी को समर्थन देने का फैसला उनका निजी फैसला है. शरद पवार ने कहा, 'अजित पवार का बीजेपी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का फैसला उनका निजी फैसला है, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का इससे कोई संबंध नहीं है. हम यह साफ करना चाहते हैं कि हम उनके इस फैसले का न तो समर्थन करते हैं और न ही सहमति देते हैं.'