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BJP लहर में यहां जीती थी कांग्रेस, अब 10 सदस्यों ने की बगावत

जिला पंचायत की राजनीति गरमाई हुई है. वडोदरा जिला पंचायत में कांग्रेस की सत्ता है और इसी पार्टी के सदस्यों ने अपने ही पंचायत के अध्यक्ष के खिलाफ डीडीओ के पास अविश्वास का प्रस्ताव पेश किया है.

BJP लहर में यहां जीती थी कांग्रेस, अब 10 सदस्यों ने की बगावत

वडोदरा: जिला पंचायत की राजनीति गरमाई हुई है. वडोदरा जिला पंचायत में कांग्रेस (Congress) की सत्ता है और इसी पार्टी के सदस्यों ने अपने ही पंचायत के अध्यक्ष के खिलाफ डीडीओ के पास अविश्वास का प्रस्ताव पेश किया है. कांग्रेस (Congress) के 22 में से 10 बागी सदस्यों ने भाजपा (BJP) के 14 सदस्यों के साथ मिलकर डीडीओ के पास अविश्वास का प्रस्ताव पेश किया है. वहीं कांग्रेस (Congress) ने 10 में से 7 बागी नेताओं को राजस्थान भेज दिया है. 2014 में मोदी लहर के बावजूद 2015 में कांग्रेस (Congress) ने गुजरात की कई पंचायतों के चुनाव जीते हैं. वडोदरा पंचायत भी उन में से एक है. वड़ोदरा पंचायत में कांग्रेस (Congress) ने 36 सीटों में से 22 सीटें जीती थी और वहीं भाजपा (BJP) महज 14 सीटों पर ही सिमट गई थी. अब कांग्रेस (Congress) के 22 में से 10 बागी सदस्यों ने भाजपा (BJP) के 14 सदस्यों के साथ मिलकर कुल 36 में से 24 सदस्यों ने कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष के खिलाफ डीडीओ के पास अविश्वास का प्रस्ताव पेश किया है.

जिला पंचायत में हर ढाई साल के बाद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बदले जाते हैं. कांग्रेस (Congress) ने जब वडोदरा जिला पंचायत में जीत हासिल की थी. तब शुरुआती ढाई साल घनश्याम पटेल पंचायत के अध्यक्ष थे. पुरे ढाई साल उनके खिलाफ किसी भी सदस्य ने नाराजगी नहीं जताई थी. सब अच्छा चल रहा था, मगर जबसे पन्नाबेन भट्ट पंचायत की अध्यक्ष बनी हैं तब से कांग्रेस (Congress) में विवाद चल रहा है. कांग्रेस (Congress) सदस्यों का कहना है की अध्यक्ष पन्नाबेन के पति पंचायत का काम काज देखते हैं और खुद ही फैसले लेते हैं. सदस्यों का आरोप हैं की पंचायत के सदस्यों को विश्वास में लिए बगैर पन्नाबेन के पति दिलीप भट्ट अपनी मर्ज़ी से फैसले लेते हैं. 

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वहीं पन्नाबेन का कहना है की भाजपा (BJP) के सदस्यों ने कांग्रेस (Congress) के सदस्यों की फ़र्ज़ी साइन कर के अविश्वास का प्रस्ताव पेश किया है और कांग्रेस (Congress) के किसी भी सदस्य ने उनके खिलाफ अविश्वास का प्रस्ताव पेश नहीं किया है तो वहीं डीडीओ ने पन्नाबेन की इस बात को बेबुनियाद बताया है. साथ ही पन्नाबेन सामान्य सभा बुलाकर फ्लोर टेस्ट करने को कहा है. कांग्रेस (Congress) की ओर से अपने 10 में से 7 बागी नेताओें को राजस्थान भेज दिया गया है.

वहीं भाजपा (BJP) का कहना है की पंचायत के तमाम सदस्य अध्यक्ष पर भरोसा नहीं करते हैं और अध्यक्ष ने विश्वास खो दिया है. साथ ही विपक्ष के नेता कमलेश परमार ने दावा किया है की कांग्रेस (Congress) के कई सदस्य उनके संपर्क में हैं. इस बार कांग्रेस (Congress) के सदस्य और भाजपा (BJP) के सदस्य मिला कर बोर्ड बनाएंगे. भाजपा (BJP) ने कांग्रेस (Congress) की सत्ता छीनने के लिए सर से लेकर एड़ी तक का जोर लगा रखा है. बता दें की भाजपा (BJP) इससे पहले दो बार कांग्रेस (Congress) की जिला पंचायत की सत्ता छीनने की कोशिश की थी, मगर कामयाब नहीं हो पाई थी.