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सतीश पूनिया की ताजपोशी में रही बड़े नेताओं की भीड़, लेकिन वसुंधरा राजे रहीं नदारद

Satish Poonia Joined Formally as Rajasthan BJP President: सतीश पूनिया के कार्यभार ग्रहण समारोह एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया. इस कार्यक्रम में पार्टी का हर छोटा-बड़ा नेता शामिल हुआ. 

सतीश पूनिया की ताजपोशी में रही बड़े नेताओं की भीड़, लेकिन वसुंधरा राजे रहीं नदारद
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया. (फोटो साभार: satishpoonia/twitter)

जयपुर: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) के कार्यभार ग्रहण समारोह एक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया. इस कार्यक्रम में पार्टी का हर छोटा-बड़ा नेता शामिल हुआ. 

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) के साथ ही केंद्र में राजस्थान (Rajasthan) का प्रतिनिधित्व करने वाले अर्जुनराम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal), गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Sekhawat) और कैलाश चौधरी(Kailash Chaudhary) भी मंच पर दिखे. 

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे (Vasundhra Raje)को छोड़कर बीजेपी (BJP) के सभी पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भी कार्यक्रम में पहुंचे. पार्टी नेताओं ने पूनिया को कुशल नेतृत्वकर्ता बताया तो उनकी अगुवाई में पार्टी के लगातार आगे बढ़ने का भरोसा भी जताया. 

पूनिया में दिख बीजेपी का भविष्य
सतीश पूनिया ने राजस्थान बीजेपी (Rajasthan BJP) के सबसे युवा अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला तो नेताओं को पूनिया में संभावनाएं भी दिख रही हैं. कभी प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए अपनी टीम में सतीश पूनिया को महामंत्री का जिम्मा देने वाले ओम माथुर ने कहा कि पूनिया एक संघर्षशील कार्यकर्ता हैं और उनकी मजबूती में पार्टी आगे ही बढ़ेगी. बीजेपी में एकजुटता के सवाल पर ओम माथुर ने कहा कि अगर किसी के मन में कोई किंतु-परंतु है तो उसे भी समझ लेना चाहिए कि अब एकजुटता ही ज़रूरी है. 

संगठन कौशल के कायल सांसद सीपी जोशी
प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में चित्तौड़ के सांसद सीपी जोशी (Chittorgarh MP Cp Joshi)का नाम भी चल रहा था. लेकिन जोशी खुद पूनिया के संगठन कौशल के कायल हैं. जोशी का मानना है कि पूनिया को संगठन में काम करने का लंबा तजुर्बा है और उनकी अगुवाई में पार्टी सड़क से सदन तक कांग्रेस सरकार को घेरेगी. 

वसुंधरा के नहीं आने पर यह था जवाब
वहीं कार्यक्रम में थोड़ी देर से पहुंचे केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी पूनिया के नेतृत्व को सक्षम बताया. शेखावत ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ़ लोगों में तेज़ी से माहौल बना है. कार्यक्रम में वसुंधरा राजे (Vasundhra Raje) के नहीं आने के सवाल पर शेखावत ने कहा कि उनके नहीं आने के व्यक्तिगत कारण रहे होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी कार्यकर्ता आधारित पार्टी है और इसकी मजबूती का आधार भी कार्यकर्ता ही हैं. 

कैलाश चौधरी ने किया संगठन में अनुभव का जिक्र
केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी (Kailash Chaudhary)ने भी पूनिया को संगठन के लंबे अनुभव का ज़िक्र करते हुए कहा कि वे किसान परिवार में जन्मे हैं और खुद किसान की पीड़ा को समझते हैं. चौधरी ने भी बीजेपी के कार्यकर्ता को ही पार्टी का आधार बताते हुए कहा कि पार्टी आने वाले समय में और ज्यादा व्यापक दायरा करेगी. 

सैनी ने बताया जमीनी कार्यकर्ता
पूर्व कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि पूनिया जमीनी कार्यकर्ता हैं. ऐसे में उन्हें लोगों से संवाद और अपने आपको जनता से जोड़ने में बड़ी सहूलियत होगी. सैनी ने पूनिया की भाषण शैली को भी लोगों से सीधा कनेक्ट होने वाले बताया. 

समर्थकों को सीएम बनने की दिख रही संभावना
लेकिन सिर्फ नेता ही नहीं बल्कि कार्यकर्ताओं में भी सतीश पूनिया को मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं भी दिखती हैं. पूनिया के साथ बरसों से जुड़े और उनके शपथ ग्रहण के लिए खास सूरत से अपने साथियों के साथ पहुंचे विश्वनाथ पचेरिया कहते हैं कि लोगों को साथ लेकर चलने वाले पूनिया आने वाले समय में राजस्थान के मुख्यमंत्री भी बनेंगे. वहीं कार्यक्रम में आमेर स्थित शिला माता मन्दिर के महंत भी पूनिया के लिए माताजी का आशीर्वाद लेकर पहुंचे. 

दीया कुमारी का आग्रह रहा खास आकर्षण
इससे पहले आज के दिन का खास आकर्षण राजसमंद सांसद दीया कुमारी का सतीश पूनिया को आग्रह भी रहा. दीया कुमारी ने पूनिया को बधाई देने के साथ ही चारभुजानाथजी से अपनी यात्रा शुरू करने का आग्रह भी किया. सांसद ने कहा कि वहां से शुरू होने वाली यात्रा हमेशा सफल होती है. 

पूरे प्रदेश से पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ता
प्रदेश के तकरीबन हर हिस्से से बीजेपी के कार्यकर्ता पूनिया के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में पहुंचे. सतीश पूनिया के भाषण के बाद सभी कार्यकर्ताओं के लिए मंच खोला गया तो मंच पर माला, साफों और बधाई का दौर दो घंटे से भी ज्यादा देर तक चलता रहा. इस दौरान हर जिले से आई टीम ने पूनिया का अलग-अलग स्वागत किया.