VIDEO: महाराष्ट्र में आरक्षण को लेकर मराठा आंदोलन खत्म, फिर भी जारी है हिंसा

मराठा संगठनों ने नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की अपनी मांग को लेकर बंद आयोजित किया था.

VIDEO: महाराष्ट्र में आरक्षण को लेकर मराठा आंदोलन खत्म, फिर भी जारी है हिंसा
मुंबई में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई (फोटोः आईएएनएस)

नई दिल्लीः महाराष्ट्र में मराठा संगठनों द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन में एक प्रदर्शनकारी की आत्महत्या के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया है. लेकिन कई जगह हिंसा की खबरें अभी-भी आ रही है. राज्य के रायगढ़ में शाम 6 के बाद भी हिंसा की खबर आई. वहीं नागपुर में भी कुछ जगहों पर हिंसा की तस्वीरें सामने आई हैं. इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने मराठा संगठनों की ओर से आयोजित बंद के दौरान मुंबई और इससे सटे ठाणे जिले सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बसों पर हमला किया, आगजनी की और लोकल ट्रेनों पर पत्थर फेंके. मराठा संगठनों ने नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण की अपनी मांग को लेकर बंद आयोजित किया था. 

समाचार एजेंसी एएनआई पर शाम 7 बजे के बाद आई तस्वीरों में नागपुर में भी हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला.

इससे पहले शाम 6 बजे आई तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि किस प्रकार मराठा क्रांति मोर्चा के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो रही है. प्रदर्शनकारियों ने मुंबई-पुणे हाईवे जाम कर दिया था. इस दौरान पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

 

बता दें कि पथराव में एक पुलिस अधीक्षक सहित तीन पुलिसकर्मी जख्मी हुए. प्रदर्शनकारियों ने कई घंटे तक मुंबई - पुणे और मुंबई - गोवा राजमार्ग को जाम रखा. पुलिस ने कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शनकारियों को तितर - बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया. महाराष्ट्र में विभिन्न स्थानों पर सोमवार से ही हो रहा प्रदर्शन आज मुंबई पहुंच गया जहां शहर को पूरी तरह बंद कराने की कोशिश की गई. बहरहाल , आज सुबह शुरू हुआ बंद कुछ जगहों पर हिंसा होने के कारण दोपहर तीन बजे से थोड़ा पहले ही वापस ले लिया गया. 

मोर्चा के नेता वीरेंद्र पवार ने यहां पत्रकारों को बताया , ‘‘ हम सिर्फ यह साबित करना चाहते थे कि हम एकजुट हैं और हमने इसे साबित भी किया. हम नहीं चाहते थे कि प्रदर्शन हिंसक हो जाए. इसलिए हम आज मुंबई में अपना बंद खत्म कर रहे हैं. ’’ पवार ने कहा , ‘‘ हमें संदेह है कि कुछ लोगों ने राजनीतिक मंशा से हिंसक गतिविधियां की. वरना , इसे पहले ही तरह ही शांतिपूर्ण होना था. लेकिन मुंबई के बाहर से हिंसा की खबरें आने के बाद हमने इसे खत्म करने का फैसला किया. ’’ 

मोर्चा के एक अन्य नेता ने कहा कि नौ अगस्त को फिर से बंद आयोजित किया जा सकता है , लेकिन इस बाबत अंतिम फैसला सभी मराठा मोर्चों के सभी वरिष्ठ सदस्यों से विचार - विमर्श के बाद ही किया जाएगा. महाराष्ट्र में करीब 30 प्रतिशत की आबादी वाला मराठा समुदाय राजनीतिक तौर पर प्रभावशाली समुदाय है और वह नौकरियों एवं शिक्षा में आरक्षण की मांग कर रहा है. 

इससे पहले , समुदाय के सदस्यों ने अपनी मांगों के समर्थन में विभिन्न जिलों में कई रैलियां की थी. पिछले साल मुंबई में मराठा क्रांति मोर्चा ने इस सिलसिले में एक विशाल रैली आयोजित की थी. बीते रविवार को काकासाहेब शिंदे नाम का एक 27 वर्षीय प्रदर्शनकारी औरंगाबाद की गोदावरी नदी में एक पुल से कूद गया था और उसकी मौत हो गई थी. शिंदे की मौत के बाद प्रदर्शन और तेज हो गए थे. 

कल जगन्नाथ सोनावने नाम के एक शख्स ने औरंगाबाद में प्रदर्शन के दौरान कोई जहरीली चीज खा ली थी. आज एक स्थानीय सरकारी अस्पताल में उसकी मौत हो गई. मराठा क्रांति मोर्चा ने बंद का आह्वान किया था. मोर्चा ने मांग की थी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अपनी इस कथित टिप्पणी के लिए माफी मांगें कि समुदाय के कुछ सदस्य शोलापुर जिले के पंढरपुर कस्बे में हिंसा की योजना बना रहे हैं. सोमवार को फडणवीस को ‘ आषाढ़ी एकादशी ’ के अवसर पर एक मंदिर में पूजा करनी थी , लेकिन जब मराठा संगठनों ने उनके कार्यक्रम को बाधित करने की धमकी दी तो उन्होंने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया. पवार ने कहा , ‘‘ हमें सरकार को जो कुछ भी बताना था , वह हमने कर दिया है. लेकिन हम पिछले दो साल में सरकार के रुख से निराश हैं. ’’ 

प्रदर्शन के नेता ने कहा कि सरकार का एक भी प्रतिनिधि प्रदर्शनकारियों से बात करने नहीं आया. मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए पवार ने कहा कि फडणवीस ‘‘ एसी कमरे में बैठे हुए हैं ’’ और उन्होंने ‘‘ हमारी मांगें पूरी करने की कोई चिंता नहीं की. ’’ बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुछ लोकल ट्रेनों और बसों पर पत्थर फेंके और बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) की एक बस को आग के हवाले कर दिया. बेस्ट के प्रवक्ता हनुमंत गोफाने ने कहा , ‘‘ दोपहर एक बजे तक पत्थरबाजी में तीन बसें क्षतिग्रस्त हुईं और टायरों से हवा निकालकर नौ बसों को क्षतिग्रस्त किया गया. ’’ 

दोपहर करीब डेढ़ बजे प्रदर्शनकारियों ने एक बस को आग के हवाले कर दिया. बाद में फायर ब्रिगेड ने आग बुझाई. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनों के कारण लोकल नेटवर्क के एक खंड पर ट्रेन की आवाजाही प्रभावित हुई. 

(इनपुट भाषा से भी)