बेटे के सपने को पूरा करने के लिए मां ने बेचा मंगलसूत्र, अब बॉडी बिल्‍ड‍िंग में जीता सिल्‍वर मेडल

मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले विक्रम का ये सफर आसान नहीं रहा. विक्रम को सपने को पूरा करने के लिए उनकी मां अपना मंगलसूत्र तक बेंच दिया. लेकिन बेटे के तैयारी में कोई कमी नही छोड़ी.

बेटे के सपने को पूरा करने के लिए मां ने बेचा मंगलसूत्र, अब बॉडी बिल्‍ड‍िंग में जीता सिल्‍वर मेडल

विशाल करोले/अमित त्रिपाठी,औरंगाबाद: महाराष्ट्र के औरंगाबाद इलाके में रहने वाले विक्रम जाधव ने जूनियर नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपियनशिप मे सिल्वर मेडल जीत कर अपने परिवार का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया है.  मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले विक्रम का ये सफर आसान नहीं रहा. विक्रम को सपने को पूरा करने के लिए उनकी मां अपना मंगलसूत्र तक बेंच दिया. लेकिन बेटे के तैयारी में कोई कमी नही छोड़ी. औरंगाबाद के जिम में पसीना बहा रहे विक्रम जाधव हाल में जुनियर नेशनल बॉडी बिल्डिंग चैंपयिनशिप में प्रतियोगिता मे सिल्वर मेडल जीता है. विक्रम रोजाना 6 घंटे तक जिम करते है और वर्ल्ड लेबल पर जाने वाले है, ऐसें में जिम 6 से बढ़कर 8 घंटे तक करना शुरू करने वाले हैं.

विक्रम के हर महीने की डाईट पर 50 हजार से एक लाख रुपए तक खर्च होते हैं. बचपन से बॉडी बिल्डर बनने का सपना देखने वाले विक्रम का कहना है कि उनका ये सफर आसान नही रहा है. इसमें उनके परिवार का पूरा सपोर्ट रहा है. विक्रम का कहना है कि उनके पिता प्राइवट नौकरी किया करते थे, जो उन्‍होंने बाद में छोड़ दी. व्रिकम बॉडी बिल्डिंग के साथ ही जिम में आने वाले लोगों को ट्रेनिंग देते हैं. वह ऑन लाइन भी लोगों के बॉडी बिल्डिंग के बारे में बताते हैं.

इससे जो पैसे मिलते उसे अपनी बॉडी बिल्डिंग पर खर्च किया करते थे, लेकिन इससे होने वाली आय विक्रम के के लिए पूरी नहीं होती थी. ऐसे में परिवार के लोग उनकी पूरी मदद करते हैं. जूनियर नेशनल बॉडी बिल्डिंग के दौरान डाइट पूरा करने के लिए उनकी मां ने अपनी मंगल सूत्र तक बेच दिया. विक्रम की मां का कहना है कि वह अपने बेटे का सपना पूरा करने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगीं. जूनियर नेशनल बॉडी बिल्डिंग के दौरान शरीर से पानी कम करने के लिए विक्रम ने काफी कम पानी लेना शुरू कर दिया था और दूसरी डाइट पर ध्यान किया करते थे.