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राजस्थान: जहां रहते हैं केवल गधे और ऊंट, नहीं रहता कोई इंसान, वहां बना दिया पंचायत मुख्यालय

आप जानकर हैरान रह जाएंगे लेकिन राजस्थान में आबादी से दूर ऊंटों और गदहों के गांव को पंचायत मुख्यालय बना दिया गया.

राजस्थान: जहां रहते हैं केवल गधे और ऊंट, नहीं रहता कोई इंसान, वहां बना दिया पंचायत मुख्यालय
इस गांव में एक भी इंसान स्थाई निवास नहीं करता है. (फाइल फोटो)

जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर(Jaisalmer) जिले के नवसृजित ग्राम पंचायत आसुतार (Gram Panchayat Asutar) का मुख्यालय आसुतार में रखने की मांग ग्रामीण लगातार कर रहे हैं. इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है.

लेकिन आप जानकर हैरान रह जाएंगे की ग्रामीण इस लिए प्रशासन से नाराज हैं क्योंकि इस गांव में कोई भी आदमी नहीं रहता है. यहां आस-पास ऊंटों और गदहों की बड़ी आबादी हमेशा मौजूद रहती है. 

क्यों विरोध कर रहे हैं ग्रामीण
ज्ञापन में ग्रामीणों(Villagers) ने बताया कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक पहुंच के चलते अपने निजी फायदे के लिए मीरवाला को पंचायत मुख्यालय बनाने पर अड़े हुए है. जबकि मीरवाला में मीर का तला के अलावा कुछ नहीं है. बता दें, हाल में बांधा पंचायत का परिसीमन(Delimination) कर आसुतार नई पंचायत बनाई गई है. 

ऊंटों के इस गांव में नहीं है कोई स्थाई निवासी
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ रसूखदार लोगों द्वारा गलत सर्वे करवाकर मीरवाला को पंचायत मुख्यालय(Panchayat Head Quarter) बनाने के प्रयास किए जा रहे है. मीरवाला में कोई भी स्थाई रूप से निवास नहीं करता है और आसुतार से दूरी भी ज्यादा है. जो लोग मीरवाला की आबादी एक हजार से अधिक बता रहे है. दरअसल वो धने की ढ़ाणी की आबादी की जानकारी दे रहे है. जहां मीरवाला के नाम स्वीकृत कार्य करवाए गए हैं जो सरासर गलत है. 

इलाके में मौजूद है केवल मीर का तला
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मीरवाला के लिए आवंटित बजट को मिली भगती से धने की ढ़ाणी में खर्च किया गया है. आसुतार से मीरवाला चालीस किलोमीटर की दूरी पर है जहां आने जाने के लिए न तो सड़क बनी हुई है और न ही वहां बिजली या अन्य मूलभूत सुविधाएं है. वहां मौजूद है तो बस एकमात्र मीर का तला जिसमें से गधों या ऊंटो के माध्यम से पीने का पानी निकाला जाता है. जबकि आसुतार सड़क मार्ग से जुड़ा होने के साथ बिजली पानी की सुविधा उपलब्ध है. वहीं इंगानप की आवासीय कॉलोनी भी आसुतार में बनी हुई है. ऐसे में आसुतार पंचायत का मुख्यालय मीरवाला में रखने का काई औचित्य नहीं है. 

जानिए ग्रामीण क्या कर रहे हैं मांग
ग्रामीणों का कहना है कि आसुतार पंचायत का मुख्यालय आसुतार में नहीं रखा जाता है तो आसुतार को फिर से बांधा पंचायत में शामिल कर दिया जाए. ताकि ग्रामीण परेशानियों से बच सकें.