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वायनाड: राहुल गांधी ने बाढ़ प्रभावित 18,000 परिवारों को खाद्य किट बांटने किए शुरू

राहुल गांधी के निर्वाचन क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवारों को बेसिक खाद्य पदार्थ किट, एक सफाई किट व ड्रेस मटेरियल्स किट दिए जाएंगे. 

वायनाड: राहुल गांधी ने बाढ़ प्रभावित 18,000 परिवारों को खाद्य किट बांटने किए शुरू
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष वायनाड के सांसद राहुल गांधी (फाइल फोटो)

वायनाड (केरल): वायनाड के सांसद राहुल गांधी ने बाढ़ प्रभावित 18,000 से ज्यादा परिवारों को किट बांटने का काम शुरू कर दिया है. राहुल गांधी ने ऐसा करने का वादा किया था.

राहुल के कार्यालय सचिव बायजू ने कहा कि अगले दो दिनों में उनके निर्वाचन क्षेत्र के उस हर परिवार को बेसिक खाद्य पदार्थ किट, एक सफाई किट व ड्रेस मटेरियल्स किट मिल जाएंगे, जिन्होंने बाढ़ के प्रकोप का सामना किया है और अपने घर छोड़ दिए हैं. किट में एक कंबल भी होगा.

बायजू ने कहा, 'चूंकि वायनाड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र कई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में फैला है, यह वितरण सभी जगहों पर किया जाएगा और इसका पहला चरण उम्मीद है कि एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा.'

किट में क्या-क्या होगा?
उन्होंने कहा कि पहले किट में पांच किलोग्राम चावल, चीनी, दाल, चाय, कॉफी, तेल व कुछ अन्य जरूरी सामान होंगे, जो एक हफ्ते के लिए पर्याप्त होंगे. इसके अलावा जरूरी कपड़े व अंडरगारमेंट्स होंगे.

उन्होंने कहा, 'चूंकि अब भी कुछ लोग शिविरों में हैं, इसलिए दूसरे किट में बेसिक सफाई के सामान जैसे साबुन, वाशिंग पाउडर, डेटॉल और इसी तरह के दूसरे सामान, जो पानी से भरे घरों को साफ करने के लिए होते हैं, दिए जाएंगे.'

वायनाड में राहुल गांधी के कार्यालय के एक अन्य कर्मचारी रतीश ने कहा, 'तीसरे चरण में कंबल व कपड़े शामिल होंगे. हम अब से कुछ दिनों में इस पूरे वितरण कार्य को पूरा करने की उम्मीद करते हैं.' 

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया रातभर काम
इन सामानों का बड़ा हिस्सा तमिलनाडु से दान के रूप में आया है और कुछ कर्नाटक से आया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन्हें वितरण के लिए किट के तौर पर बनाने के लिए रात भर काम किया है.

बायजू ने कहा, 'राहुल गांधी अपने निर्वाचन क्षेत्र में 20 अगस्त के बाद वापस आ सकते हैं और वह फिर से लोगों से मिलेंगे. इस सप्ताह के शुरुआत में वह यहां तीन दिनों में विभिन्न राहत शिविरों में गए थे.' 

केरल सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वायनाड जिले में 12 मौतें होने की खबर है, जबकि कुछ शवों के पुथुमाला में कीचड़ में दफन होने का संदेह है. पुथुमाला में हुए भूस्खलन में कई परिवारों को अपने घर गंवाने पड़े हैं.