ममता सरकार का फिर राज्‍यपाल धनखड़ को हेलीकॉप्‍टर देने से इनकार, सड़क मार्ग से करेंगे सफर

West Bengal : इस बार भी राज्य सरकार ने साफ़ कह दिया कि उनके पास 20 नवंबर को हेलीकॉप्टर उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते हेलीकॉप्टर नहीं दिया जा सकता.

ममता सरकार का फिर राज्‍यपाल धनखड़ को हेलीकॉप्‍टर देने से इनकार, सड़क मार्ग से करेंगे सफर
फाइल फोटो

कोलकाता : पश्चिम बंगाल (West Bengal) के राजयपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) को राज्‍य सरकार की तरफ से दोबारा हेलीकॉप्‍टर नहीं दिया गया, लिहाजा वह एक बार फिर सड़क मार्ग से मुर्शिदाबाद जाएंगे. दरअसल, राज्‍यपाल को 20 नवंबर (बुधवार) को मुर्शिदाबाद (Murshidabad) के डोमकल में एक कॉलेज के कार्यक्रम में जाना है और इसके लिए उन्‍होंने राज्‍य सरकार एक हेलीकॉप्टर मुहैया कराने की मांग की थी, लेकिन इस बार भी राज्य सरकार ने साफ़ कह दिया कि उनके पास 20 नवंबर को हेलीकॉप्टर उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते हेलीकॉप्टर नहीं दिया जा सकता.

उल्‍लेखनीय है कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने बीते शुक्रवार को ही कहा था कि उन्होंने एक हेलीकॉप्टर के लिए आग्रह किया था, जिसका जवाब राज्य प्रशासन ने नहीं दिया. इस कारण उन्हें 300 किलोमीटर की यात्रा सड़क मार्ग से करनी पड़ी. धनखड़ को शुक्रवार को दोपहर 12.20 बजे मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का स्थित एसएनएच कॉलेज की रजत जयंती समारोह में पहुंचना था.

राज्‍यपाल धनखड़ ने कहा, "300 किलोमीटर की दूरी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से एक हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया था. दुर्भाग्यवश राज्य सरकार ने जो जवाब दिया, वह कोई खास नहीं था. इसलिए हमने राजभवन के माध्यम से इस ओर ध्यान देने का फिर आग्रह किया. कोई जवाब नहीं दिया गया. इस बारे में एक संदेश मुख्यमंत्री को भेजा गया."

कॉलेज के समारोह में जाने के लिए धनखड़ और उनकी पत्नी सुबह पांच बजे सड़क मार्ग से रवाना हुए. धनखड़ ने कहा कि राज्य प्रशासन को राज्यपाल के संदेश को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने कहा, "मेरे पास जो मुख्यमंत्री का कोई संदेश आता है, मैं जवाब देने में 24 घंटे से ज्यादा विलंब नहीं करता."

इससे पहले, राजभवन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में भी इस मुद्दे को प्रमुखता दी गई थी, जिसमें कहा गया, "राज्यपाल श्री धनखड़ को एक दिन में लगभग 600 की यात्रा सड़क मार्ग से करनी पड़ी, क्योंकि हेलीकॉप्टर के लिए किए गए आग्रह का राज्य सरकार ने समय पर अनुकूल जवाब नहीं दिया."

राज्य के एक मंत्री ने हालांकि राज्‍यपाल धनखड़ की मांग को 'अनर्गल' बताया था और कहा कि उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि हेलीकॉप्टर की जरूरत क्यों पड़ी. "जनता के पैसे का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जा सकता."

(इनपुट- श्रेयसी)