Zee News की मुहिम को मिला मुंबई पुलिस का साथ, अवैध पार्किंग पर की कार्रवाई

मुंबई पुलिस के ट्रैफिक विभाग की विशेष टीम ने शनिवार को मरीन ड्राइव इलाके के A रोड, B रोड, C रोड, और D रोड पर उतरकर कार्रवाई की.

Zee News की मुहिम को मिला मुंबई पुलिस का साथ, अवैध पार्किंग पर की कार्रवाई
मुंबई में अवैध पार्किंग बड़ी समस्‍या है.

मुंबई : ज़ी न्यूज की मुहिम my road, my right को अब मुंबई पुलिस का भी साथ मिल गया है. हाल ही में ज़ी न्यूज ने दिखाया था कि किस तरह देश के ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे महंगे इलाकों में से एक मरीन ड्राइव के रिहायशी इलाके पर लोगों ने गैरकानूनी तरीके से अपनी गाड़ियां पार्क की हुई हैं. कभी अगर इस इलाके में आग लगने जैसी इमरजेंसी हालात पैदा होते हैं तो ये बिल्कुल भी मुमकिन नहीं कि फायर इंजन या दमकल विभाग गलियों के अंदर घुसकर रेस्क्यू का काम जल्दी से जल्दी शुरू कर सके.

इस खबर के चलने के बाद मुंबई पुलिस का ट्रैफिक डिपार्टमेंट हरकत में आ गया है, अब मुंबई पुलिस के ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने ज़ी न्यूज की इस मुहिम के साथ जुड़कर कड़ी कार्रवाई भी की है. ट्रैफिक डिपार्टमेंट की एक खास टीम ने शनिवार को मरीन ड्राइव इलाके के A रोड, B रोड, C रोड, और D रोड इलाके का जायजा लिया.

वानखेड़े स्टेडियम के ठीक सामने की D रोड पर जब हमारी टीम ट्रैफिक पुलिस के साथ पहुंची तो वहां ना केवल उस इलाके के लोकल लोगों की इल्लीगल पार्किंग नजर आई बल्कि 4 लेन की सड़क में लोगों ने डबल पार्किंग भी कर रखी थी. वहीं रोड के दोनों तरफ एंगुलर पार्किंग की गई थी, जिससे आधी से ज्‍यादा सड़क सिर्फ पार्किंग से ढक गई थी. कई लोग तो ऐसे भी थे जिन्होंने बिल्डिंग के गेट के सामने ही अपनी कार पार्क कर दी थी. इसके बाद ट्रैफिक डिपार्टमेंट के टोइंग व्‍हीकल ने ऐसी कारों के खिलाफ कार्रवाई की. इसके बाद इस इलाके में रहने वाले प्रभावशाली लोगों ने तुरंत आकर पुलिस से तकरार शुरू कर दी.

लेकिन ट्रैफिक पुलिस के इरादे साफ थे तो उन्होंने किसी भी प्रभाव में आए बिना, सबके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की. ट्रैफिक पुलिस की टीम को लीड करने वाले एसीपी पंकज श्रीसाट ने ज़ी न्यूज को बताया कि लोग अपनी लक्‍जरी को नहीं छोड़ना चाहते हैं. ना ही लोगों में सिविक सेंस है कि उनके गलत तरीके से कार पार्क करने से दूसरों को क्या दिक्कतें आ सकती हैं, या फिर किसी इमरजेंसी में हालात कितने भयावह हो सकते हैं. 

जब पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही थी तभी अचानक वहां उसी इलाके के एक सज्जन आकर पुलिस से बहस करने लगे. जब ज़ी न्यूज की टीम ने उनसे सवाल किया तो वो सारा ठीकरा सरकार की नीतियों और पुलिस के रवैये पर फोड़ने लगे. लेकिन जब हमने उनसे पूछा कि क्या इस गलत तरह से गाड़ियों को खड़ा करने को वो गलत नहीं मानते तो वो साफ मुकर गए.

इसके बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई C रोड पर शुरू की. यहां पहले तो रोड की शुरुआत में टर्न पर ही लोगों ने गलत तरीके से अवैध पार्किंग की हुई थी. जब इन लोगों ने ज़ी न्यूज की टीम के साथ ट्रैफिक पुलिस की इस मुहिम को देखा तो वहां से भागने लगे. ऐसे ही एक ड्राइवर को ज़ी न्यूज की टीम ने जब पकड़ा तो वो कैमरा पर माफी मांगने लग गया. सुरेश कराडे नाम के ये ड्राइवर महोदय माफी मांगते हुए बोले कि अब वो ऐसा नही करेंगे, उनसे गलती हुई है जिसका उन्हें खेद भी है. 

इसी रोड पर हमें एक ऐसी भी कार मिली जो हमारे सामने भी गलत तरीके से रोड के टर्न पर ही पार्क की गई थी. जब ट्रैफिक पुलिस ने ऑनलाइन जाकर इसका चालान काटने की कोशिश करी तो पता चला कि इस कार पर तो पहले से ही 14,000 रुपयों की पेनाल्टी बनी हुई है जिसे इसने चुकाया नहीं है. अधिकतर पेनल्टी ओवर स्पीडिंग की वजह और गैरकानूनी पार्किंग की वजह से बनाई गई है. लेकिन शायद इस कार के मालिक को इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ता है और यही मुम्बई ट्रैफिक पुलिस की सबसे बड़ी सिरदर्दी है कि लोग पैसा देकर अपनी गाड़ियां तो छुड़वा लेते हैं लेकिन वो समाज और अपनी सड़क को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार नहीं हैं.