close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

मोदी सरकार ने आतंकवाद से लड़ने का तरीका बदल दिया है: वायुसेना प्रमुख

Indian Air Force Foundation Day : कार्यक्रम के दौरान वायु सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई अन्य देशों के सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं जो एयर शो का गवाह बन रहे हैं.

मोदी सरकार ने आतंकवाद से लड़ने का तरीका बदल दिया है: वायुसेना प्रमुख

गाजियाबाद: भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) के 87 वां स्थापना दिवस पर वायुसेना प्रमुख ने की मोदी सरकार की तारीफ की है. वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया ने बालाकोट एयरस्ट्राइक की वजह सरकार दिखाई गई राजनीतिक इच्छाशक्ति बताया है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की वजह से आतंकवाद से निपटने का तरीका बदला है. वायुसेना प्रमुख ने कहा, 'मोदी सरकार ने आतंकवाद से लड़ने का तरीका बदला है. राजनीतिक इच्छाशक्ति की वजह से बालाकोट एयरस्ट्राइक मुमकिन हुई.  

बता दें कि भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) अपना 87वां स्थापना दिवस मना रही है. वायुसेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद (Ghaziabad) स्थित हिंडन एयरबेस ( Hindon Airbase) पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. 

कार्यक्रम के दौरान वायु सेना के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई अन्य देशों के सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं जो एयर शो का गवाह बन रहे हैं. भारतीय वायुसेना के जांबाज सेना की ताकत प्रदर्शित कर रहे हैं.  वायुसेना दिवस समारोह के दौरान मंगलवार सुबह हिंडन एयरबेस पर वायुसेना का ध्वज लिए आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम ने अपने करतबों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की. आकाशगंगा टीम के सदस्य पैराशूट लेकर उतरे. आकाशगंगा टीम के उतरते ही वहां पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया.

सेना प्रमुख बिपिन रावत, भारतीय वायु सेना प्रमुख आरके सिंह भदौरिया और नौसेनाध्यक्ष करमबीर सिंह वायुसेना दिवस समारोह में शामिल है. सचिन रमेश तेंदुलकर ने बतौर मानद ग्रुप कैप्टन भारतीय वायु सेना के 87वें एयर शो में शिरकत की है. 

 

इसी बीच वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने वायुसेना दिवस पर कहा, 'इस (बालाकोट एयरस्ट्राइक) की रणनीतिक प्रासंगिकता आतंकवादियों को दंडित करने के लिए राजनीतिक नेतृत्व का संकल्प है. आतंकवादी हमलों से निपटने के सरकार के तरीके में बदलाव आया है.

उन्होंने कहा कि पड़ोस का वर्तमान सुरक्षा वातावरण चिंता का गंभीर विषय बना हुआ है. पुलवामा हमला रक्षा प्रतिष्ठानों पर होने वाले लगातार खतरे की याद दिलाता है.