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SIT को 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में सोनिया-राहुल को बुलाना चाहिए : सुखबीर बादल

सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों पर हमले की साजिश राजीव गांधी के आवास पर रची गई।

SIT को 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में सोनिया-राहुल को बुलाना चाहिए : सुखबीर बादल
सुखबीर बादल ने कहा,‘1984 के सिख विरोधी दंगे की साजिश राजीव गांधी के आवास पर रची गई. वह उस वक्त कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उनकी पत्नी सोनिया गांधी को इस बारे में सब पता था.’ (फोटो साभार - PTI)

नई दिल्ली: शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को बुलाना चाहिए और उनका नार्को टेस्ट करवाना चाहिए. 

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों पर हमले की साजिश राजीव गांधी के आवास पर रची गई. इसलिए मामले में सोनिया गांधी ‘महत्वपूर्ण गवाह’ हैं. उन्होंने मांग की है कि एसआईटी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को भी बुलाना चाहिए . 

कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि, पार्टी ने मंगलवार को अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उसे ‘गर्व’ है कि कानूनी प्रक्रिया को अपना काम करने दिया गया.

'दंगे की साजिश राजीव गांधी के आवास पर रची गई'
बादल ने कहा,‘1984 के सिख विरोधी दंगे की साजिश राजीव गांधी के आवास पर रची गई. वह उस वक्त कांग्रेस के अध्यक्ष थे और उनकी पत्नी सोनिया गांधी को इस बारे में सब पता था.’

बादल ने कहा कि एसआईटी द्वारा नए सिरे से जांच के कारण दंगा मामले में पहली दोषसिद्धि हुई जिसमें मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को मौत की सजा और दूसरे को आजीवन कारावास की सजा सुनायी.

उन्होंने कहा,‘सभी आरोपियों-सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर तथा अन्य को राजीव गांधी ने निर्देश दिए और उनके आवास पर साजिश रची गई...सोनिया गांधी महत्वपूर्ण गवाह हैं क्योंकि साजिश उनके आवास पर रची गई. एसआईटी को उन्हें बुलाना चाहिए. उनका नार्को टेस्ट भी होना चाहिए.’

बादल ने कहा कि यह एक दो लोगों की हत्या का मामला नहीं बल्कि हजारों लोगों के नरसंहार का मामला है. केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थीं. उन्होंने कहा कि पिछले 34 साल में कुछ नहीं हुआ क्योंकि कांग्रेस ने गवाहों को धमकाया, सबूतों को मिटाया और इसमें शामिल अपने नेताओं को बचाने के लिए हरमुमकिन प्रयास किया.

(इनपुट - भाषा)