कंपनियों ने स्‍टॉक रोका, डायबिटीज समेत जरूरी दवाओं की आपूर्ति ठप

जीएसटी पर भ्रम के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. देश के कई हिस्सों में मधुमेह और दिल की बीमारी के इलाज के लिए जरूरी दवाओं की किल्लत हो गई है. दवा कंपनियों ने पुराना स्टॉक रोक लिया है. इससे दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड आदि राज्यों के कई शहरों में दवा की आपूर्ति ठप हो गई है.

कंपनियों ने स्‍टॉक रोका, डायबिटीज समेत जरूरी दवाओं की आपूर्ति ठप
दवाओं का स्टॉक 60 फीसदी तक कम हो गया है. (file pic)

नई दिल्‍ली : जीएसटी पर भ्रम के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. देश के कई हिस्सों में मधुमेह और दिल की बीमारी के इलाज के लिए जरूरी दवाओं की किल्लत हो गई है. दवा कंपनियों ने पुराना स्टॉक रोक लिया है. इससे दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड आदि राज्यों के कई शहरों में दवा की आपूर्ति ठप हो गई है.

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दवाओं की कमी की कोई सूचना नहीं

वित्त मंत्रलय का कहना है कि उसे दवाओं की कमी की कोई सूचना नहीं मिली है. वह इस संदर्भ में उपभोक्ता मंत्रलय के लगातार संपर्क में है और उसकी ओर से कई निर्देश भी जारी किए गए हैं. दिल्ली के एक बड़े दवा डिस्ट्रीब्यूटर के अनुसार, मल्टीनेशनल कंपनियों के दवाओं का स्टॉक 60 फीसदी तक कम हो गया है. जबकि दवा कंपनियों का कई सौ करोड़ रुपये का स्टॉक गोदामों में भरा पड़ा है जिसे जीएसटी लागू होने के बाद से वे बाजार में नहीं उतार रही हैं.

उत्पाद कर और वैट पर ही छूट

कंपनियों को पुराने स्टॉक पर घाटा हो रहा है, इससे वे इसे बाजार में निकाल नहीं रही हैं. दवा कंपनियों को पुराने स्टॉक में केवल उत्पाद कर और वैट पर ही छूट मिल रही है. बाजार में दवाओं की कमी की एक वजह कंपनियों द्वारा मुफ्त योजना का बंद करना भी है. यह खुदरा से लेकर थोक व्यापारियों की मुख्य कमाई का साधन था लेकिन जीएसटी पर भ्रम के चलते कंपनियों ने इन पर फिलहाल रोक लगा दी है. इसके चलते थोक व्यापारी दवाएं नहीं खरीद पा रहे हैं.

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किल्‍लत पर केंद्र सरकार सख्‍त

देश के कई जगहों पर दवाओं की कमी होने पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. सरकार का कहना है कि अगर कोई स्टॉक जानबूझकर रोक रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी क्योंकि पुराने स्टॉक की जानकारी 60 दिन के अंदर देना तय किया गया है. उधर भारतीय दवा निर्माता संघ का कहना है कि उसने यह मुद्दा वित्त मंत्रलय के सामने उठाया था कि दवाओं पर जीएसटी दर 12 फीसदी होने से पुराने स्टॉक पर काफी नुकसान होगा. साथ ही इस समस्या का समाधान नहीं होने के मद्देनजर दवाओं की किल्लत की भी आशंका जताई थी.

यह फंसा पेंच

सरकार जीएसटी के पहले के स्‍टॉक पर उत्‍पाद शुल्‍क का 40 फीसदी लौटाने के लिए तैयार है लेकिन दवा उद्वोग 100 फीसदी वापसी की मांग कर रहा है.

इन दवाओं की कमी

- हेपेटाइटिस बी का इंजेक्‍शन
- डायलिसिस, ब्‍लड प्रेशर की दवाएं
- गंभीर रोगियों की जान बचाने वाले सेफटेक्‍सान, सिसोरैक्जिम, टेमनिक एसिड व मेरोफेनम इंजेक्‍शन
- मल्‍टी विटामिन्‍स, मल्‍टी फूड विटामिन
- कुत्‍ते के काटने की दवा रैबीज
- फेंसिड्रिल कफ सीरप
- गुर्दा रोगियों की दवा एल्‍बुमिन
- आई ड्रॉप्‍स, टेरामाइसीन
- टीबी, डायरिया दवा
- मधुमेह की दवा आमारिल-एम, जनोविया
- लोपेज इमरजेंसी ड्रग, गैस के लिए
- ब्‍लडप्रेशर की दवा लेसिक