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सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति का मामला अपने पास लंबित रखा

इस मामले में सरकार के ऐतराज के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपना फैसला बदला था. मई में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस ए ए कुरैशी को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की थी, जिस पर सरकार ने ऐतराज किया.

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति का मामला अपने पास लंबित रखा
फाइल फोटो

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट में सोमवार (23 सितंबर) को बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस अकील कुरैशी के मामले में सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता गुजरात हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया कि जब तक सरकार जस्टिस कुरैशी को त्रिपुरा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्त नहीं करती, तब तक याचिका पेंडिंग रखा जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने मांग स्वीकार कर ली है और याचिका अभी पेंडिंग रहेगी. इस मामले में सरकार के ऐतराज के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अपना फैसला बदला था. मई में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस ए ए कुरैशी को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की थी, जिस पर सरकार ने ऐतराज किया.

बीते शुक्रवार को कॉलेजियम ने सरकार के ऐतराज पर गौर करने के बाद जस्टिस कुरैशी को मध्यप्रदेश के बजाए त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पद पर नियुक्ति की सिफारिश सरकार को भेजी है. न्यायिक इतिहास में शायद  ऐसा अपने आप में पहली बार हुआ है.

 

बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस ए ए कुरैशी को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने को लेकर हो रही देरी के मामले में 16 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जस्टिस कुरैशी की नियुक्ति को लेकर कॉलेजियम की ओर से फैसला लिया जा चुका है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फैसले को जल्द ही सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड  किया जाएगा. 

इससे पहले सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अभी संसद सत्र चल रहा है. सरकार 14 अगस्त तक कॉलिजियम की सिफारिश  पर फैसला ले लेगी. बता दें कि गुजरात हाईकोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन ने कॉलेजियम की सिफारिश के बावजूद नियुक्ति की फाइल रोकने के सरकार के कदम का विरोध किया है.

जस्टिस अकील कुरैशी को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने के लिए सुप्रीमकोर्ट कोलिजियम ने 10 मई को केन्द्र को सिफ़ारिश भेजी थी लेकिन केन्द्र सरकार  ने अब तक इस पर कोई फ़ैसला नहीं लिया.गुजरात हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एए कुरैशी मुंबई हाईकोर्ट में वरिषठम जज है. सुप्रीम कोर्ट कोलिजियम की भेजी थी, लेकिन केन्द्र ने कॉलेजियम की सिफारिश को दरकिनार  कर दिया था. इस मामले को लेकर गुजरात हाईकोर्ट के वकीलों ने कानून मंत्री से मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन कानून मंत्री वकीलों से मिलने से भी इनकार कर दिया था. जिसके बाद एडवोकेट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है.