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पूर्व मंत्री दयानिधि मारन को सीबीआई के समक्ष पेश होने का निर्देश

उच्चतम न्यायालय ने आज पूर्व दूरसंचार मंत्री और द्रमुक नेता दयानिधि मारन को निर्देश दिया कि वह टेलीफोन एक्सचेंज प्रकरण में पूछताछ के लिये छह दिन केन्द्रीय जांच ब्यूरो के समक्ष पेश हों। यह अवधि 30 नवंबर से शुरू होगी।

पूर्व मंत्री दयानिधि मारन को सीबीआई के समक्ष पेश होने का निर्देश

नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आज पूर्व दूरसंचार मंत्री और द्रमुक नेता दयानिधि मारन को निर्देश दिया कि वह टेलीफोन एक्सचेंज प्रकरण में पूछताछ के लिये छह दिन केन्द्रीय जांच ब्यूरो के समक्ष पेश हों। यह अवधि 30 नवंबर से शुरू होगी।

न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मारन को गिरफ्तारी से मिले संरक्षण की अवधि बढ़ाते हुये उनसे कहा कि वह सीबीआई के साथ सहयोग करें और उसके सवालों के जवाब दें। मारन को सीबीआई कार्यालय में 30 नवंबर से पांच दिसंबर के दौरान सुबह 11.00 बजे से शाम पांच बजे तक रहना होगा।

न्यायालय ने सीबीआई से कहा कि यदि पूर्व मंत्री सवालों के जवाब देने से बचें और जांच में सहयोग नहीं करें तो वह उनके पास आये। पीठ ने कहा, ‘हालांकि, हम इस समय आपको हिरासत में पूछताछ की अनुमति नहीं देंगे।’ मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा मारन की अग्रिम जमानत खारिज होने और सीबीआई के समक्ष समर्पण करने के निर्देश के बाद उन्होंने शीर्ष अदालत में याचिका दायर की थी।

सीबीआई ने मारन और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी जिसमें आरोप है कि उनके निवास पर 300 से अधिक उच्चगति वाली टेलीफोन लाइनें उपलब्ध करायी गयी थीं और उनके भाई कलानिधि के सन टीवी चैनल को अपलिंक करने की सुविधा दी गयी जब दयानिधि मारन 2004-07 के दौरान दूरसंचार मंत्री थे।