राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, अमित शाह बोले-झूठ फैलाने वाले देश से माफी मांगें

राफेल डील (Rafale deal) पर मोदी सरकार को घेरने वालों को सुप्रीम कोर्ट में मुंह की खानी पड़ी है. सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील (Rafale deal) पर मोदी सरकार को क्लीन चीट दे दी है. इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस पर जोरदार हमला किया है. 

राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, अमित शाह बोले-झूठ फैलाने वाले देश से माफी मांगें
राफेल डील पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अमित शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लिया.

नई दिल्ली: राफेल डील (Rafale deal) पर मोदी सरकार को घेरने वालों को सुप्रीम कोर्ट में मुंह की खानी पड़ी है. सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील (Rafale deal) पर मोदी सरकार को क्लीन चीट दे दी है. इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री और बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस पर जोरदार हमला किया है. शाह ने ट्वीट कर कहा है कि जिन लोगों ने राष्ट्र हित को दरकिनार कर अपने राजनीतिक फायदे के लिए झूठा दुष्प्रचार किया उन्हें पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए. गृहमंत्री ने कहा कि आधारहीन और द्वेषपूर्ण प्रचार करने वालों के लिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला करारा जवाब है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से नरेंद्र मोदी सरकार के पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होने पर मुहर लगी है.

Amit Shah

मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राफेल सौदा मामले में जांच की मांग वाली समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया. न्यायमूर्ति एस.के. कौल ने आदेश पढ़ते हुए कहा कि समीक्षा याचिका अयोग्य है. सुप्रीम कोर्ट ने दसॉ एविएशन से संबद्ध राफेल मामले की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग वाली याचिका खारिज कर दिया.

कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे अवमानना मामले को भी खत्म कर दिया और कहा कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व्यक्ति के तौर पर राहुल गांधी को भविष्य में और सतर्क रहना होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में राहुल गांधी के 'चौकीदार चोर है' बयान देने पर उनके खिलाफ अवमानना मामले की जांच शुरू कर दी गई थी.

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति एस.के. कौल और न्यायमूर्ति के.एम. जोसफ की पीठ ने कहा कि राजनीति में महत्वपूर्ण व्यक्ति के तौर पर राहुल गांधी को भविष्य में कोर्ट का हवाला देते हुए ऐसे बयान देते समय और सतर्क होना चाहिए, जो कोर्ट के आदेश का हिस्सा ही नहीं था.

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