इसी तरह पेड़ों की कटाई होती रही तो एक दिन हम सब कुछ खो देंगे: CJI

पश्चिम बंगाल सरकार का दावा है कि सुरक्षित क्रॉसिंग न होने की वजह से रेलवे लाइन के नजदीक 800 के करीब मौत हो चुकी है. 

इसी तरह पेड़ों की कटाई होती रही तो एक दिन हम सब कुछ खो देंगे: CJI
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में रेलवे ओवर ब्रिज और नेशनल हाईवे के विस्तार के लिए पेड़ों की कटाई के मामले में सुनवाई के दौरान देश के चीफ जस्टिस एस ए बोबडे ने कहा कि ''पेड़ों की कटाई इस रफ्तार से हो रही है कि जब तक हमें इसका एहसास होगा, हम सब कुछ खो चुके होंगे. हमें हरियाली की अहमियत समझने और इसे संरक्षित रखने की जरूरत है." चीफ जस्टिस ने कहा कि बिना पेड़ों की कटाई के भी नया रास्ता बनाया जा सकता है, भले ही वो कुछ महंगा साबित हो. लेकिन दिक्कत ये है कि कोई भी वैकल्पिक रास्ते पर विचार ही नहीं करना चाहता. अगर हम जल सरंक्षण के नए तरीके नहीं इजाद कर सकते तो कम से कम मौजूदा जल सरक्षंण के तरीकों को तो बरकरार रखा जाए.

हाल फिलहाल हमारे सामने पेड़ों की कटाई के कई मामले सामने आए हैं, मसलन मुंबई मेट्रो कार शेड, कोस्टल रोड, क्या हम इन सबके लिए कुछ गाइडलाइन बना सकते हैं? चीफ जस्टिस ने कहा- हम चाहते हैं अर्थशास्त्री और पर्यावरणविद् यह देखें कि पेड़ अपने जीवन में कितना ऑक्सीजन देता है. इस आधार पर पेड़ की कीमत का आकलन हो. ये कीमत प्रोजेक्ट की लागत में शामिल की जाए.

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उधर पश्चिम बंगाल सरकार का दावा है कि सुरक्षित क्रॉसिंग न होने की वजह से रेलवे लाइन के नजदीक 800 के करीब मौत हो चुकी है. जनवरी में कोर्ट ने राज्य सरकार को एक कमेटी का गठन कर रिपोर्ट सौंपने को कहा था. बहरहाल कोर्ट ने सुनवाई चार हफ्ते के लिए टाल दी है.