close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

गोरखपुर बीआरडी अस्पताल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इंकार

सुप्रीम कोर्ट ने गोरखपुर अस्पताल में बच्चों के मारे जाने के के मामले का स्वत: संज्ञान (Suo moto) लेने से मना कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है. याचिकाकर्ता ने सुप्रीम से इस मामले की एसआईटी जांच के लिए भी कहा था. लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि याचिकाकर्ता को इस मामले में हाईकोर्ट जाना चाहिए. 

गोरखपुर बीआरडी अस्पताल मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इंकार
गोरखपुर में बच्चों की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल से किया इंकार (फोटो फाइल)

नई दिल्लीः गोरखपुर में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के मारे गए बच्चों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्वत: संज्ञान (Suo moto) लेने से मना कर दिया है. शीर्ष अदालत के समक्ष यह मुद्दा उठाने वाले वकील से प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि वह इस बाबत इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाए.वकील ने गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्चों की मौत की एसआईटी जांच करवाने की मांग की थी. शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिकारी स्थिति और शिकायतों को देख रहे हैं, फिर भी अगर कोई बात है तो उसे संबद्ध उच्च न्यायालय के समक्ष उठाया जा सकता है. 

सात अगस्त के बाद से बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कथित तौर पर 60 से अधिक बच्चों की मौत हो गई, जिनमें से कई की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई है. वेंडर को बकाया राशि नहीं दिए जाने के कारण ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई थी. बीते दो दिन में कथित रूप से कम से कम 30 बच्चों की मौत हुई. इनमें से अधिकतर नवजात थे जिनकी मौत नियो नेटल इंटेंसिव केयर यूनिट में हुई. पुलिस ने कहा कि इस मामले में औपचारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है इसलिए कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है. राज्य सरकार ने 12 अगस्त को मामले की आधिकारिक जांच के आदेश दिए थे और मेडिकल कालेज अस्पताल के प्राचार्य राजीव मिश्रा को निलंबित कर दिया था.

रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा गोरखपुर पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम बच्चों की मौत के मामले में पूरी जांच कराएंगे. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी, जो कि मिसाल बनेगी.