close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

बच्चों से रेप की घटनाओं पर SC सख्त, कहा-सिनेमा हॉल में जागरुक करने वाली शॉर्ट फिल्‍म चलाएं

वीडियो क्लिप में  और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर स्कूलों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया जाए. कोर्ट ने आदेश दिया है कि बच्चों का यौन उत्पीड़न रोकने और बच्चों के अपराधियों को सजा देने के प्रति जागरुकता लाने वाली एक छोटी वीडियो क्लिप देश भर में हर सिनेमा हॉल में फिल्म शुरू होने पहले दिखाई जाए.

बच्चों से रेप की घटनाओं पर SC सख्त, कहा-सिनेमा हॉल में जागरुक करने वाली शॉर्ट फिल्‍म चलाएं

नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से सिनेमा घर मे जागरुकता वीडियो क्लिप दिखाए जाने का आदेश लागू करने को कहा है. यह भी कहा है कि वीडियो क्लिप में  और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर स्कूलों में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया जाए. कोर्ट ने आदेश दिया है कि बच्चों का यौन उत्पीड़न रोकने और बच्चों के अपराधियों को सजा देने के प्रति जागरुकता लाने वाली एक छोटी वीडियो क्लिप देश भर में हर सिनेमा हॉल में फिल्म शुरू होने पहले दिखाई जाए. साथ ही टीवी चैनलों पर भी समय समय पर चले.

कोर्ट ने इस मामले में 100 से ज़्यादा मामले वाले जिले में विशेष कोर्ट गठित करने के निर्देश दिए
देश भर में बच्चों के साथ बढ़ती रेप की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन जिलों मे बाल यौन उत्पीड़न के 100 से ज्यादा केस दर्ज हैं, वहां पोक्सो कानून में विशेष अदालतें गठित की जाएं. कोर्ट ने आदेश दिया है कि ये अदालतें 60 दिन में काम करना शुरू कर दें.

कोर्ट ने कहा कि पोस्को के तहत गठित होने वाली विशेष अदालतों के गठन का फंड केन्द्र सरकार देगी. दरअसल, 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताते हुए मामले पर संज्ञान लिया था. वरिष्ठ वकील वी. गिरि को न्यायमित्र नियुक्त किया था. कोर्ट ने गिरि से जरूरी दिशा-निर्देश पारित करने के बारे में सुझाव मांगे हैं. आपको बता दें कि एक जनवरी से गत 30 जून तक देश में बच्चों से दुष्कर्म की कुल 24,212 घटनाएं हुईं, जिनमें एफआइआर दर्ज है. कोर्ट ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए ढांचागत संसाधन जुटाने और अन्य उपाय करने के लिए दिशा-निर्देश तय करने का मन बनाया है.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि विभिन्न अखबारों और ऑनलाइन प्रकाशन में बच्चों से दुष्कर्म की आई घटनाओं और आंकड़ों ने उन्हें परेशान और चिंतित कर दिया है. इसके बाद कोर्ट ने सभी राज्यों और उच्च न्यायालयों से बच्चों से दुष्कर्म के मामलों के आंकड़े मंगाए हैं. कोर्ट ने एकत्रित आंकड़ों की जानकारी दी जो कि चौकाने वाली है. कोर्ट ने वरिष्ठ वकील वी. गिरि को न्यायमित्र नियुक्त करते हुए कहा था कि वह ऐसे मामलों से निपटने के लिए राज्यों को ढांचागत संसाधन जुटाने, कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग करने जैसे दिशा-निर्देश जारी करने पर अपने सुझाव दें. कोर्ट में मौजूद सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी मामले पर चिंता जताते हुए कहा था कि सरकार भी इन मामलों के प्रति संवेदनशील है और वे कोर्ट को इस मामले की सुनवाई में पूरा सहयोग करेंगे.