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सबरीमाला मंदिर: SC ने पूरी की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई, जल्द आएगा बड़ा फैसला

 पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने शीर्ष अदालत के 28 सितंबर, 2018 के निर्णय पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस पर आदेश बाद में सुनाया जाएगा.

सबरीमाला मंदिर: SC ने पूरी की पुनर्विचार याचिकाओं की सुनवाई, जल्द आएगा बड़ा फैसला
फाइल फोटो

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने केरल के सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने के निर्णय पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर बुधवार (06 फरवरी) को सुनवाई पूरी कर ली. न्यायालय इस पर अपना आदेश बाद में सुनाएगा.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने शीर्ष अदालत के 28 सितंबर, 2018 के निर्णय पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस पर आदेश बाद में सुनाया जाएगा.

शीर्ष अदालत के इस निर्णय पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाओं पर केरल सरकार, नायर सर्विस सोसायटी, त्रावणकोण देवस्वओम बोर्ड और अन्य पक्षकारों को सुना. इस मामले में कुल 64 याचिकायें न्यायालय के समक्ष थीं. पीठ ने अंत में कहा कि 28 सितंबर, 2018 के निर्णय पर पुनर्विचार करने या नहीं करने के बारे में वह अपना आदेश बाद में सुनाएगी.

वहीं, केरल के सबरीमला मंदिर का संचालन करने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड बोर्ड ने बुधवार को उच्चतम न्यायालय में अपना रुख बदलते हुए कहा कि वह मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने संबंधी फैसले का समर्थन करता है. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष बोर्ड की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने कहा कि यह उचित समय है कि किसी वर्ग विशेष के साथ उसकी शारीरिक अवस्था की वजह से पक्षपात नहीं किया जाए.