राइट टू प्राइवेसी पर सुनवाई पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

 राइट टू प्राइवेसी मौलिक अधिकार है अथवा नहीं, इसकी सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. नौ न्यायाधीशों वाली पीठ इस अहम मुद्दे पर अपना फैसला सुनाएगी.

राइट टू प्राइवेसी पर सुनवाई पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
राइट टू प्राइवेसी पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा. फाइल फोटो

नई दिल्ली : राइट टू प्राइवेसी मौलिक अधिकार है अथवा नहीं, इसकी सुनवाई कर रही सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने बुधवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. नौ न्यायाधीशों वाली पीठ इस अहम मुद्दे पर अपना फैसला सुनाएगी.

इससे पहले गुजरात सरकार की तरफ से पेश राकेश द्विवेदी ने कहा कि निजता के कुछ पहलुओं को विभिन्न बुनियादी अधिकारों में खोजा जा सकता है लेकिन प्राधिकारियों को बुनियादी निजी सूचना प्रदान करना मौजूदा तकनीकी युग में ज्यादा पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी है. इसके बाद द्विवेदी ने उच्चतम न्यायालय के नियमों का जिक्र किया जिसने किसी निजी हित याचिका दायर करने के लिए विभिन्न निजी सूचना प्रदान करना अनिवार्य कर दिया है.

उन्होंने कहा, ‘आप नियमावली के तहत विभिन्न निजी सूचनाएं मांग कर तकनीक के साथ आगे बढ़ रहे हैं.’ द्विवेदी ने इसके बाद इस तथ्य का जिक्र किया कि उच्चतम न्यायालय पीआईएल दायर करने की इजाजत देने के लिए नाम, पता, टेलीफोन नंबर, पेशा और राष्ट्रीय अनूठा पहचान कार्ड जैसी निजी सूचना मांग रहा है. बहरहाल, उच्चतम न्यायालय ने कहा कि निजी सूचना का उपयोग सिर्फ अभिष्ट उद्देश्य से किया जाना चाहिए.