भुखमरी से मौत: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से पूछा, 'फूड सिक्योरिटी एक्ट के संदर्भ में क्या कदम उठाए?'

कोर्ट ने राज्यों से पूछा है कि क्या शिकायत निवारण अधिकारी पूरे राज्य में हैं? सुप्रीम कोर्ट में अब इस केस पर 4 हफ्ते बाद सुनवाई होनी है.

भुखमरी से मौत: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से पूछा, 'फूड सिक्योरिटी एक्ट के संदर्भ में क्या कदम उठाए?'
फाइल फोटो

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आज भुखमरी से मौत (Starvation) के मामले पर सुनवाई करते हुए राज्यों से फूड सिक्योरिटी एक्टर के संदर्भ में जानकारी मांगी है. कोर्ट अब इस मामले में 4 सप्ताह के बाद सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने राशन कार्ड से आधार लिंक करने की मांग वाली जनहित याचिका को गंभीरता से लिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम चाहते हैं कि एक तंत्र हो और भोजन प्राप्त करने से किसी को भी अक्षम नहीं होना चाहिए. सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों द्वारा फूड सिक्योरिटी एक्ट (Food Securty Act) के संदर्भ में उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है.

कोर्ट ने राज्यों से पूछा है कि क्या शिकायत निवारण अधिकारी पूरे राज्य में हैं. सुप्रीम कोर्ट में अब इस केस पर 4 हफ्ते बाद सुनवाई होनी है.

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की 2015 की रिपोर्ट कहती है, कि भारत में भयानक गरीबी (Extreme Poverty) के हालात में रहने वाले लोगों की संख्या क़रीब 30 करोड़ है. आपको ये जानकर हैरानी होगी, कि दुनियाभर में भुखमरी का शिकार होने वाले कुल लोगों का एक चौथाई हिस्सा भारत में ही रहता है.  2015 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स (Global Hunger Index) के मुताबिक, भुखमरी का सामना करने वाले लोगों की संख्या सबसे ज़्यादा भारत में है.  इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में साढ़े 19 करोड़ लोगों को ज़रूरत के मुताबिक भोजन नहीं मिलता है.

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यानी 30 करोड़ लोग भयानक रूप से गरीब हैं और 19 करोड़ लोगों को पर्याप्त भोजन नहीं मिलता.  भारत में 5 साल से कम उम्र के 40 फीसदी से ज़्यादा बच्चों का वजन, तय मानकों से बेहद कम है.