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सीनियर एडवोकेट राजीव धवन ने छोड़ी वकालत, 6 दिसंबर को हुई थी CJI से तीखी बहस

दिल्ली-केंद्र मामले के अलावा धवन बाबरी-राम जन्मभूमि विवाद, सेबी-सहारा, रोहिंग्या शरणार्थियों सहित कई चर्चित मामलों में पैरवी कर चुके हैं.

सीनियर एडवोकेट राजीव धवन ने छोड़ी वकालत, 6 दिसंबर को हुई थी CJI से तीखी बहस
उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट)

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने सोमवार (11 दिसंबर) को वकालत छोड़ दी. उन्होंने कहा कि वह दिल्ली सरकार-केंद्र के बीच विवाद के सनसनीखेज मामले के ‘‘शर्मनाक अंत’’ के बाद ऐसा कर रहे हैं. 74 वर्षीय वकील ने प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा को भेजे एक पत्र में कहा कि उन्होंने वकालत छोड़ने का फैसला किया है. उन्होंने पत्र में कहा, ‘‘दिल्ली मामले के शर्मनाक अंत के बाद मैंने वकालत छोड़ने का फैसला किया. आप मुझे दिया गया वरिष्ठ अधिवक्ता का गाउन वापस लेने के हकदार हैं, हालांकि मैं अपनी सेवाओं की याद के तौर पर इसे रखना चाहूंगा.’’ संपर्क किए जाने पर धवन ने मुद्दे पर बोलने से इनकार कर दिया.

हैरान करने वाली घोषणा दिल्ली-केंद्र मामले में उच्चतम न्यायालय के अपना आदेश सुरक्षित रखने के बाद आयी. मामला राष्ट्रीय राजधानी के प्रशासन में उपराज्यपाल या दिल्ली सरकार में से किसे सर्वोच्चता मिली है, उससे जुड़ा है. गत छह दिसंबर को मामले में सुनवाई खत्म होने से पहले प्रधान न्यायाधीश और धवन के बीच तीखी बहस हुई थी.

वरिष्ठ वकील मामले में दिल्ली सरकार की पैरवी कर रहे थे. मामले की सुनवाई के दौरान धवन ने कुछ दलीलें दीं जिससे पीठ नाराज हो गया. प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘जो भी हो, अदालत में चिल्लाने को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’’ दिल्ली-केंद्र मामले के अलावा धवन बाबरी-राम जन्मभूमि विवाद, सेबी-सहारा, रोहिंग्या शरणार्थियों सहित कई चर्चित मामलों में पैरवी कर चुके हैं.