close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

तो क्‍या अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का भी होगा सीधा प्रसारण...!

लोकसभा और राज्‍यसभा की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की तर्ज पर अब संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सुप्रीम कोर्ट में चलने वाली न्यायिक कार्यवाही के सीधे प्रसारण की मांग की गई है. इस बाबत वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता इंदिरा जयसिंह द्वारा एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई, जिस पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई.

तो क्‍या अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का भी होगा सीधा प्रसारण...!
संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सुप्रीम कोर्ट में चलने वाली न्यायिक कार्यवाही के सीधे प्रसारण की मांग की गई है. (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली : लोकसभा और राज्‍यसभा की कार्यवाही के सीधे प्रसारण की तर्ज पर अब संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सुप्रीम कोर्ट में चलने वाली न्यायिक कार्यवाही के सीधे प्रसारण की मांग की गई है. इस बाबत वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता इंदिरा जयसिंह द्वारा एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई, जिस पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई.

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को याचिका पर सुनवाई पर सहमति जताई. इंदिरा जयसिंह ने इस याचिका में संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर शीर्ष अदालत में न्यायिक कार्यवाही के सीधे प्रसारण की मांग की है.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा कि मामले पर उचित समय पर सुनवाई होगी. शीर्ष अदालत ने पिछले सप्ताह पारदर्शिता लाने के प्रयास में हर राज्य में निचली अदालतों और न्यायाधिकरणों की आडियो के साथ सीसीटीवी वीडियो रिकार्डिंग की अनुमति दी थी.

वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने व्यक्तिगत रूप से पेश होते हुए कहा कि नागरिकों को सूचना का अधिकार है और संवैधानिक तथा राष्ट्रीय महत्व के मामलों का सीधा प्रसारण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में इस तरह की व्यवस्था पहले से लागू है और अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत सहित अदालत की कार्यवाही की सीधा प्रसारण यूट्यूब पर उपलब्ध है.

इंदिरा ने साथ ही कहा कि शीर्ष अदालत उन मामलों में सीधे प्रसारण और वीडियोग्राफी पर प्रतिबंध लगा सकती है, जिसमें उसे निजता प्रभावित होने का खतरा हो.