एसिड अटैक मुआवजा स्कीम में पुरुषों को भी जगह देने की मांग पर SC करेगा सुनवाई

याचिका में कहा गया है कि एसिड अटैक पीड़ित पुरुषों को न मुआवजा मिलता है और न सरकारी खर्चे पर इलाज.

एसिड अटैक मुआवजा स्कीम में पुरुषों को भी जगह देने की मांग पर SC करेगा सुनवाई
फाइल फोटो

नई दिल्‍ली: एसिड अटैक मुआवजा स्कीम में पुरुषों को भी शामिल करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है. दरअसल, याचिका में कहा गया है कि एसिड अटैक पीड़ित पुरुषों को न मुआवजा मिलता है और न सरकारी खर्चे पर इलाज. याचिका में ये भी कहा गया है कि इस साल जनवरी से अब तक एसिड अटैक के 18 मामले सामने आए हैं, इनमें तीन मामले पुरुषों पर हमले के हैं.

एसिड अटैक महिला पीड़ितों के लिए ये है योजना
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने एसिड अटैक मामलों में पीड़ितों को न्यूनतम सात लाख रुपए मुआवजा देने को मंजूरी दी थी. कोर्ट ने सभी राज्यों को इस संबंध में एक हफ्ते के भीतर स्कीम भेजने को कहा था, जिसके बाद हर राज्य को उसका पालन करना पड़ेगा. नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (एनएलएसए) ने मुआवजे की रकम को रिलीफ पॉलिसी के अंतर्गत तय किया था, जिस पर कोर्ट अपनी सहमति दे दी थी. अथॉरिटी ने यह रकम तय करने के लिए केंद्र सरकार के साथ चर्चा की थी, जिसमें फैसला हुआ था कि पीड़िताओं को मुआवजे के रूप में कम से कम पांच लाख रुपए से लेकर सात लाख रुपए दिए जाएंगे.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी कही थी मुआवजा की बात
इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक फैसले में कहा था कि एसिड अटैक पीड़ित पुरुषों को भी मुआवजा पाने का हक होना चाहिए. हाईकोर्ट ने ऐसे ही एक मामले में फैसला सुनाते हुए पीड़ित को तीन लाख रूपए मुआवजा देने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट ने स्थानीय सआदतगंज थाने में दर्ज एसिड अटैक के मामले में यह फैसला सुनाया था. इस मामले में सत्र अदालत ने 2012 में अभियुक्त कलीम को 10 साल की सजा सुनवाई थी. जिसके खिलाफ कलीम ने अपील दायर कर जमानत की मांग की थी. जमानत की सुनवाई के दौरान ही कोर्ट ने पीड़ित हसीन अब्बास को मुआवजा देने के मामले को भी संज्ञान में लिया और आदेश दिया था कि वह मुआवजे का हकदार है.