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39 साल से पंजाब यूनिवर्सिटी ने सुषमा का सहेज रखा है एडमिशन फॉर्म, रोल नंबर था 503

 सुषमा स्वराज स्टूडेंट लाइफ से ही भाषण और कवितापाठ में काफी अच्छी थी और वो अपने भाषण और कविता खुद लिखती थी.

39 साल से पंजाब यूनिवर्सिटी ने सुषमा का सहेज रखा है एडमिशन फॉर्म, रोल नंबर था 503
पंजाब यूनिवर्सिटी के ला डिपार्टमेंट ने भी सुषमा स्वराज को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है. (फाइल फोटो)

चंडीगढ़: पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की चंडीगढ़ से भी काफी यादें जुडी हुई हैं. सुषमा स्वराज ने चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री की थी. पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट की चेयरपर्सन डाक्टर मीनू पॉल ने बताया कि सुषमा स्वराज ने वर्ष 1971 में पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट में दाखिला लिया था. पंजाब यूनिवर्सिटी ने करीब 39 वर्ष पहले युनिवर्सिटी में दाखिला लेने के लिए भरे गए फ़ार्म को आज भी संभाल कर रखा हुआ है. उस वक्त सुषमा स्वराज अपने नाम के साथ सुषमा शर्मा लिखती थी. सुषमा स्वराज के हाथ से भरा गया उनका एडमिशन फ़ार्म(नंबर 18612 )भी आज पंजाब यूनिवर्सिटी की कीमती संपत्ति बन गया है.

इस फ़ार्म पर सुषमा शर्मा का रोल नंबर 503 था. डाकटर मीनू पॉल ने यह भी बताया कि वो इसी वर्ष यूनिवर्सिटी में सुषमा स्वराज को एक बड़े कार्यक्रम में आमंत्रित करने पर विचार कर रही थी मगर अब उनका यह सूंदर सपना कभी पूरा नहीं हो पाएगा. अचानक उनके निधन से यूनिवर्सिटी में भी शोक का माहौल बन गया है. डाकटर पॉल के मुताबिक़ उनका नाम हमेशा ही यूनिवर्सिटी में एक प्रेरणा स्रोत बना रहेगा. उन्होंने कहा कि सुषमा स्वराज के नाम पर यूनिवर्सिटी को हमेशा नाज रहेगा.

हालांकि इस वक्त यूनिवर्सिटी में  सुषमा स्वराज को पढ़ाने वाले सभी प्रोफेसर या फिर अन्य स्टाफ सभी रिटायर हो गए हैं लेकिन उनकी याद आज भी यूनिवर्सिटी के लॉ डिपार्टमेंट में उतनी ही ताजा हैं जहां क्लास रूम में बैठ कर उन्होंने कानून की पढ़ाई की. हालांकि सुषमा स्वराज यूनिवर्सिटी में पहली बार वर्ष 1969 में एक हिंदी की भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने अंबाला से अपने कालेज की तरफ से आई थी और यहां उन्होंने भाषण प्रतियोगिता में जीत दर्ज की. सुषमा स्वराज को पढ़ाने वाले रिटायर प्रोफेसर डाक्टर वी के बंसल ने बताया कि सुषमा स्वराज स्टूडेंट लाइफ से ही भाषण और कवितापाठ में काफी अच्छी थी और वो अपने भाषण और कविता खुद लिखती थी.

उनके शब्दों में ही उनकी राष्ट्र के प्रति लगाव की झलक दिखाई देती थी और उनके कटाक्ष भरे शब्द विरोधियों की कमियों पर भारी पड़ा करते थे. उन्होंने  बताया कि सुषमा स्वराज का व्यवहार सहपाठियों के प्रति भी काफी सहयोगपूर्ण था. डॉक्टर वी के बंसल के अनुसार सुषमा स्वराज एक शिक्षक और छात्र के रिश्ते की मर्यादा का हमेशा सम्मान करती थी.

उन्होंने बताया कि साधारण सी दिखने वाली सुषमा स्वराज पढ़ाई के साथ साथ अन्य गतिविधियों में भी बेहतर प्रदर्शन करती थी. डॉक्टर वी के बंसल के अनुसार सुषमा स्वराज और स्वराज कौशल ( सुषमा स्वराज के पति ) दोनों ही यूनिवर्सिटी में पढ़े हैं और दोनों पढ़ाई में काफी अच्छे थे.

लॉ डिपार्टमेंट में क़ानून की पढ़ाई कर रही छात्रा नितिका ने कहा कि क्लास में अक्सर टीचर सुषमा स्वराज का नाम लेकर जब यह बताते हैं कि सुषमा स्वराज यहीं पढ़ी हुई है तो एक फक्र महसूस होता है और साथ ही प्रेरणा भी मिलती है. 
पंजाब यूनिवर्सिटी के ला डिपार्टमेंट ने भी सुषमा स्वराज को भावभीनी श्रद्धांजलि दी है.