सामरिक वार्ता के लिए जापान जा रही हैं सुषमा स्वराज, द्विपक्षीय संबंधों पर होगी बातचीत

विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘ इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों पर चर्चा करेंगे . 

 सामरिक वार्ता के लिए जापान जा रही हैं सुषमा स्वराज, द्विपक्षीय संबंधों पर होगी बातचीत
भारत और जापान के बीच एक विशेष सामरिक और वैश्विक गठजोड़ है .(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तीन दिवसीय यात्रा पर कल(28 मार्च) जापान जा रही हैं जहां वे अपने जापानी समकक्ष तारो कोनो के साथ सामरिक वार्ता की सह अध्यक्षता करेंगी. उनकी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों पर भी चर्चा होगी. नौंवी भारत जापान सामरिक वार्ता 29 मार्च से शुरू हो रही हैं. विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘ इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों पर चर्चा करेंगे . इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच साझा हितों से संबंधित क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा होगी . ’’

भारत और जापान के बीच एक विशेष सामरिक और वैश्विक गठजोड़ है जो साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान बनी . जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे भी सितंबर 2017 में भारत की यात्रा पर आए थे. भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंध कई क्षेत्रों में काफी मजबूत है . दोनों देशों के परमाणु ऊर्जा, रक्षा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में गहरे रिश्ते हैं . जापान की ओर से भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना में सहयोग किया जा रहा है . जापान, भारत में सबसे बड़े निवेशकों में शामिल है. 

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भारत-जापान की दोस्ती से बौखलाया चीन
आपको बता दें कि चीन ने गुरुवार (14 सितंबर) को उम्मीद जतायी थी कि भारत और जापान के बीच बढ़ते संबंध शांति एवं स्थिरता के लिए सहायक होंगे और साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि क्षेत्र में देशों को गठजोड़ बनाने की बजाय साझेदारी के वास्ते काम करना चाहिए. चीन के विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी ऐसे समय आयी थी. जब जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा के दौरान भारत और जापान ने अपने नजदीकी संबंधों को प्रगाढ़ बनाने का प्रयास किया है.

भारत और जापान ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को व्यापक आधार प्रदान करने के लिए 15 समझौतों पर हस्ताक्षर किये और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की जहां चीन अपनी आक्रामकता बढ़ा रहा है. भारत-जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी बढ़ने के बारे में पूछे जाने पर चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘‘हम इसकी पैरवी करते हैं कि देशों को टकराव के बिना संवाद के लिए खड़े होना चाहिए और गठजोड़ की बजाय साझेदारी के लिए काम करना चाहिए.’’ 

इनपुट भाषा से भी