सुषमा स्वराज ने भारत की संस्कृति को बढ़ावा देने में हिन्दी की भूमिका की सराहना की

सुषमा स्वराज ने कहा कि भाषा लोगों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाती है.

सुषमा स्वराज ने भारत की संस्कृति को बढ़ावा देने में हिन्दी की भूमिका की सराहना की
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)

चेन्नई: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारत की संस्कृति और अखंडता को बढ़ावा देने में हिन्दी भाषा की अहमियत की सराहना करते हुए शनिवार को कहा कि यह अन्य देशों तथा सोशल मीडिया में तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

स्वराज ने दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा के 82 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए यहां कहा कि यह संस्थान न सिर्फ हिन्दी को बढ़ावा दे रहा है बल्कि अन्य दक्षिण भारतीय भाषाओं को भी बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने कहा कि भाषा लोगों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाती है. हिन्दी अन्य देशों में भी लोकप्रिय हो रही है.

हिन्दी को फैलाने के लिए आधारशीला रखने वाले राजनीतिक नेताओं की सेवाओं को याद करते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा को हिन्दी में संबोधित करने वाले दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी पहले भारतीय नेता थे.

इस अच्छी परंपरा को आगे ले जाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिन्दी में भाषण दिया था. मौजूदा प्रवृति संकेत करती है कि हिंदी स्नातकों के लिए नौकरी के मौकों में बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने कहा कि हिन्दी आशाजनक करियर का मौका देती है क्योंकि बीते कुछ सालों में हिन्दी के कई प्रकाशन तथा समाचार पत्र आए हैं.

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि विदेशी राजयनिकों में हिन्दी सीखने की दिलचस्पी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि कई देशों ने भारत सरकार से हिन्दी का प्रचार करने के लिए शिक्षा केंद्र स्थापित करने का अनुरोध किया है. उन्होंने कहा कि हिन्दी ट्विटर और फेसबुक जैसे विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर लोकप्रियता हासिल कर रही है.

महात्मा गांधी ने दक्षिणी राज्यों में हिन्दी का प्रचार करने के मकसद से 1918 में दक्षिण भारत हिन्दी प्रचार सभा की स्थापना की थी.

(इनपुट - भाषा)