सुषमा स्वराज ने कहा, 'सरकार की कोशिशों से अलग-थलग पड़ गया है पाकिस्तान'

सुषमा स्वराज ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अलग-थलग पड़ा है. वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की ओर से पाकिस्तान के विरूद्ध जो कार्रवाई हुई वो बड़ी कामयाबी है.

सुषमा स्वराज ने कहा, 'सरकार की कोशिशों से अलग-थलग पड़ गया है पाकिस्तान'
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: विदेश सुषमा स्वराज ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार के प्रयासों के कारण पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अलग-थलग पड़ गया है. राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आए प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से गले मिले, लेकिन ट्रंप ने साथ छोड़ दिया.

सरकार पर विदेश नीति में विफल रहने और भारत के अलग-थलग पड़ जाने का आरोप लगाया तो चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि ओवैसी ने जो आरोप लगाए हैं वो सरासर गलत है.

सुषमा स्वराज ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय अलग-थलग पड़ा है. वित्तीय कार्रवाई कार्यबल की ओर से पाकिस्तान के विरूद्ध जो कार्रवाई हुई वो बड़ी कामयाबी है.

खाड़ी देशों में बढ़ रहे हैं भारतीयों की खुदकुशी के मामले
खाड़ी देशों में भारतीय नागरिकों की आत्महत्या के मामलों में पिछले तीन साल के दौरान बढ़ोतरी हुयी है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में बताया कि खाड़ी देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, ओमान, कतर और बहरीन में भारतीय कामगारों की मौत के मामलों के विश्लेषण में यह बात सामने आयी है. 

उन्होंने बताया कि इन देशों में 2016 से 2018 के दौरान भारतीय कामगारों की मौत के कारणों में स्वाभाविक मौत पहले पायदान पर है. इसके बाद सड़क हादसों और आत्महत्या इन कामगारों की मौत के सबसे बड़े कारण बने हैं. 

इन देशों में भारतीय मिशन और केन्द्र से मिले आंकड़ों के मुताबिक तीन सालों में 16916 भारतीय कामगारों की खाड़ी देशों में मौत हुयी. इनमें सर्वाधिक सऊदी अरब में 7980 और संयुक्त अरब अमीरात में 4039 कामगारों की मौत हुयी. जबकि ओमान में 1568, कुवैत में 1825, कतर में 848 और बहरीन में 656 भारतीय कामगारों की मौत के मामले सामने आये हैं.

उन्होंने बताया कि ओमान में भारतीय कामगारों की आत्महत्या के 2016 में 45, 2017 में 46 और 2017 में 58 मामले सामने आये. इसी तरह कुवैत में 2016 में आत्महत्या के 49 मामले 2018 में बढ़कर 52 और बहरीन में यह संख्या 2016 में 11 से बढ़कर 2018 में 30 हो गई.

(इनपुट - भाषा)