close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ताजमहल देखना हो जाएगा महंगा, अब 50 की जगह देने होंगे 250 रुपए

अब तक भारतीय पर्यटकों को ताजमहल की टिकट 50 रुपये में मिलती थी. लेकिन अब ये महंगी हो जाएगी. बड़ी हुई कीमतें सोमवार से से लागू हो जाएंगीं.

ताजमहल देखना हो जाएगा महंगा, अब 50 की जगह देने होंगे 250 रुपए
ताजमहल को देखने के लि‍ए रोजाना करीब 40 हजार पर्यटक आते हैं.

नई दिल्‍ली : दुनिया के सात अजूबों में शामिल दुनिया की सबसे खूबसूरत इमारत ताजमहल को देखना अब महंगा हो जाएगा. सोमवार (10 दिसंबर 2018) से ताजमहल का टिकट महंगा होने जा रहा है. अब ताजमहल में मकबरा देखने के लिए 200 रुपए ज्‍यादा देखने होंगे. पूरा ताजमहल देखने का टिकट अब 250 रुपए में पड़ेगा.

 विदेशी नागरिकों को अब 1300 रुपये देने होंगे. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा ताजमहल पर भीड़ प्रबंधन के लिए ये नई टिकट व्यवस्था लागू की जा रही है. अभी तक देसी पर्यटक 50 रुपए और विदेशी पर्यटक 1100 रुपये में ताजमहल का दीदार करते थे, लेकिन अब देशी पर्यटकों को 250 रुपये और विदेशी पर्यटकों को 1300 रुपये प्रति टिकट देने होंगे. 200 रुपये का ये शुल्क शाहजहां और मुमताज की कब्रों वाले मुख्य गुम्बद तक जाने के लिए लगाया गया है.

35 से 40 हजार पर्यटक आते हैं...
अब तक भारतीय पर्यटकों को ताजमहल की टिकट 50 रुपये में मिलती थी. लेकिन अब ये महंगी हो जाएगी. बड़ी हुई कीमतें सोमवार से से लागू हो जाएंगीं. ताजमहल देखने के लिए हर दिन औसतन 35,000 से 40,000 पर्यटक आते हैं. लेकिन वीकेंड के समय ये संख्‍या बढ़कर 60,000 से 70,000 तक पहुंच जाती है. ऐसे में बढ़े दामों का असर पर्यटकों पर भी पड़ सकता है.  

मौजूदा नियमों के तहत ताजमहल देखने के लिए अभी पर्यटकों की संख्‍या तय नहीं है. साथ ही एक बार अंदर जाने पर पर्यटक कितनी भी देर वहां रह सकते हैं. लेकिन पिछले दिनों इस बात पर भी नियम बनाने की बात कही गई कि ताजमहल में पर्यटकों के लिए अंदर जाने का समय भी निर्धारित किया जाए. इसके तहत कहा गया कि पर्यटकों के लिए 3 घंटे का नियम बनाया जाए.

ताजमहल की हालत पर केंद्र व उप्र सरकार को फटकार लगा चुका है सुप्रीम कोर्ट
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ताजमहल की उपेक्षा के लिए केंद्र और यूपी सरकार को फटकार लगा चुकी है. आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि अगर यूनेस्को 17वीं सदी के इस मुगल स्मारक को अपनी 'विश्व धरोहर सूची' से बाहर कर दे तो आप लोग क्या करेंगे. जस्‍ट‍िस मदन बी. लोकुर और जस्‍टि‍स दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा, "यह एक विश्व धरोहर है. क्या होगा जब यूनेस्को कहेगा कि उसने ताज महल से विश्व धरोहर का दर्जा वापस ले लिया है."