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तमिल एक्टर मंसूर अली खान पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, EVM के साथ छेड़छाड़ साबित करने की अनुमति मांगी

तमिल अभिनेता मंसूर अली खान ने हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमाई थी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

तमिल एक्टर मंसूर अली खान पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, EVM के साथ छेड़छाड़ साबित करने की अनुमति मांगी
अली ने याचिका में दावा किया कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है...

नई दिल्ली: तमिल अभिनेता मंसूर अली खान ने हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में किस्मत आजमाई थी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. अली ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर दावा किया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है और वह इसे साबित करने की अनुमति चाहते हैं. अली ने अपनी याचिका में यह भी दावा किया ईवीएम टेंपर प्रूफ नहीं है. 

अधिकांश तमिल फिल्मों में खलनायक की भूमिका निभाने वाले मंसूर अली खान ने नाम तमिलार काची के टिकट पर हाल ही में तमिलनाडु में डिंडीगुल संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. खान ने इस याचिका में कहा है कि उन्हें विशेषज्ञों की मदद से निर्वाचन आयोग के समक्ष यह साबित करने का अवसर प्रदान किया जाए कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है और वह इससे अछूती नहीं है. 

ईवीएम की खराबी मशीनों के संचालन से जुड़ी समस्या है, निर्माण से नहीं : सरकार
उधर, गुरुवार को सरकार ने मतदान के दौरान ईवीएम और वीवीपेट मशीनों में खराबी के लिये निर्माण संबंधी खराबी को नकारते हुए कहा कि यह समस्या मशीनों के संचालन से जुड़ी है. केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में बताया कि मतदान के दौरान ईवीएम या वीवीपेट की गड़बड़ियों को चुनाव आयोग ने मशीनों के संचालन से जुड़ी समस्या बताया है. उन्होंने कहा कि आयोग ने इस समस्या का, इन मशीनों के निर्माण में किसी तरह की गड़बड़ी से कोई संबंध होने से इनकार किया है.  

शिवसेना के संजय राउत ने पूछा था कि मतदान के दौरान मशीनों में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी होने और इस वजह से कई घंटों तक मतदान बाधित होने की शिकायतें कब रुकेंगी. प्रसाद ने बताया, ‘‘यहां प्रश्न मशीनों के निर्माण का है, संचालन का नहीं. चुनाव आयोग ने कहा है कि मशीनों के निर्माण में कोई तकनीकी खामी नहीं है.’’ 

वास्तविक मतदान और मतगणना के परिणाम में किसी तरह का अंतर सामने आने के सवाल पर प्रसाद ने बताया कि चुनाव आयोग से मंत्रालय को मिली जानकारी के मुताबिक ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आयी है. ऐसी शिकायतों का निस्तारण पीठासीन अधिकारी उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में करते हैं.