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तमिलनाडु में BJP और AIADMK के रिश्तों में क्यों पड़ रही दरार?

एआईएडीएमके (AIADMK) की पहली चुनावी रैली में मुनुसामी ने बीजेपी (BJP) के सामने दो शर्तें रखीं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को एआईएडीएमके की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के पलानीस्वामी का समर्थन करना होगा और दूसरी शर्त है कि जीत होने पर राज्य सरकार में कोई भागीदारी भी नहीं मिलेगी.  

तमिलनाडु में BJP और AIADMK के रिश्तों में क्यों पड़ रही दरार?
फाइल फोटो.

नई दिल्ली: दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों में गिने जाने वाले तमिलनाडु (Tamil Nadu) में बीजेपी (BJP) और उसकी सहयोगी एआईएडीएमके (AIADMK) के रिश्तों में दरार पड़ती दिख रही है. सत्ताधारी एआईएडीएमके  (AIADMK) ने बीजेपी के सामने ऐसी शर्तें रखनी शुरू की हैं, जिसे बीजेपी मानने को तैयार नहीं है. रिश्तों के असहज होने के पीछे राज्य की बीजेपी इकाई की ओर से बीते नवंबर में निकाली गई उस यात्रा को भी जिम्मेदार माना जा रहा है, जिसे एआईएडीएमके की सरकार ने अनुमति नहीं दी थी. सहयोगी एआईएडीएमके ने बीजेपी की इस यात्रा को बांटने वाली करार दिया था. बावजूद इसके बीजेपी के यात्रा निकालने पर सरकार ने नेताओं को गिरफ्तार करा दिया था.

ताजा मामला क्या है?
तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी एआईएडीएमके  (AIADMK) के वरिष्ठ नेता और डिप्टी कोआर्डिनेटर के.पी. मुनुसामी ने रविवार को सहयोगी दल भाजपा (BJP) को लेकर आक्रामक बयानबाजी कर दी. उन्होंने कहा है कि एआईएडीएमके  (AIADMK) की शर्तें पूरी न करने पर बीजेपी को 2021 के विधान सभा चुनाव को लेकर नए विकल्पों पर विचार करना होगा. 

दरअसल, रविवार को हुई एआईएडीएमके की पहली चुनावी रैली में मुनुसामी ने बीजेपी के सामने दो शर्तें रखीं. उन्होंने कहा कि बीजेपी को एआईएडीएमके की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के पलानीस्वामी का समर्थन करना होगा और दूसरी शर्त है कि जीत होने पर राज्य सरकार में कोई भागीदारी भी नहीं मिलेगी. हालांकि, अभी BJP ने आधिकारिक रूप से एआईएडीएमके नेता मुनुसामी के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि उनका यह बयान विधान सभा चुनाव से पहले दोनों दलों के रिश्तों की खाई को और चौड़ा करने वाला है.

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भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'चुनाव पूर्व अगर कोई गठबंधन बनता है और फिर जीत दर्ज कर सत्ता मिलती है तो फिर उसमें से एक दल को सत्ता की भागीदारी से दूर रहने की शर्त समझ से परे है. जहां तक एआईएडीएमके की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पलानीस्वामी के समर्थन की बात है तो इस पर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व विचार-विमर्श कर फैसला करेगा. हालांकि रिश्तों में दरार जैसी कोई बात नहीं है. राजनीति में बयान होते रहते हैं. तमिलनाडु में फिलहाल हमारा गठबंधन कायम है.'

भाजपा ने सीएम फेस पर नहीं खोले पत्ते 
बीते दिनों तमिलनाडु (Tamil Nadu) के दौरे पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर (Prakash Javadekar) पहुंचे थे. उनकी मौजूदगी में कमल हासन (Kamal Haasan) की पार्टी मक्कल निधि मय्यम के संस्थापक महासचिव ए. अरुणाचलम बीजेपी में शामिल हुए थे. इस दौरान स्थानीय मीडिया ने एनडीए की तरफ से मुख्यमंत्री पद से जुड़े सवाल पूछे तो उन्होंने इस सवाल को टाल दिया था. इससे पूर्व भी भाजपा तमिलनाडु में मुख्यमंत्री के चेहरे पर जवाब देने से बचती रही है. जबकि एआईएडीएमके की तरफ से के पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जा चुका है.

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BJP वेट एंड वॉच की स्थिति में
BJP से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में है. माहौल देखकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर बात करना चाहती है. हालांकि, फिलहाल पार्टी ने एआईएडीएमके (AIADMK) की तरफ से मुख्यमंत्री पद के दावेदार पलानीस्वामी का समर्थन न करने का फैसला किया है. बता दें, गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के बीते 21 नवंबर को हुए तमिलनाडु दौरे के दौरान एआईएडीएमके ने BJP के साथ गठबंधन जारी रखने का बयान दिया था. मई 2016 में हुए तमिलनाडु विधान सभा चुनाव में सत्ताधारी एआईएडीएमके को 134 सीटें मिलीं थीं, जबकि 89 सीटों के साथ डीएमके दूसरे स्थान पर रही थी. 232 सदस्यीय विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ आठ सीटें मिलीं थीं. 

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