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कीचड़ साफ करने के लिए शिक्षकों ने मासूम बच्‍चों के हाथ पकड़ा दिया फावड़ा

जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच कर उचित कार्यवाही करने की बात कही है. 

कीचड़ साफ करने के लिए शिक्षकों ने मासूम बच्‍चों के हाथ पकड़ा दिया फावड़ा
शिक्षा के लिए स्‍कूल आने वाले बच्‍चों से मजदूरों की तरह काम करवाया जा रहा है.

जन्‍मजय सि‍न्‍हां, महासमुंद: छत्‍तीसगढ़ के महासमुन्द जिले में बसना ब्लाक के अंतर्गत प्राथमिक स्कूल पौसरा के शिक्षकों नें नन्हे स्कूली बच्चो के हाथों में फावड़ा कुदाल पकड़ा कर कीचड़ साफ करा दिया. शिक्षक स्कूली बच्‍चों से मजदूर की तरह काम ले रहे है. जिसमें उच्च अधिकारी ने जांच के बाद उचित कार्यवाही की बात कह रहे है.

उल्‍लेखनीय है कि बच्चों को अपने माता-पिता स्कूलों में शिक्षा अर्जन करने के लिए भेजते हैं. लेकिन, वहां जब शिक्षक की मनमानी और लापरवाही से छोटे-छोटे बच्चों के हाथों में फावड़ा कुदाल पकड़ा कर मिट्टी खोदने और कीचड़ साफ करने को कहा जाए, तब शिक्षा विभाग के तमाम नियम कायदे धरे के धरे रह जाते हैं.

ऐसे में न शिक्षा का अधिकार कानून लागू होता है, और ना ही स्कूल चले हम अभियान की सार्थकता साबित होती है. ऐसा ही एक मामला महासमुंद जिले से सामने आया है. जहां स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे जिनके हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए, वहां फावड़ा और कुदाल लेकर स्कूल परिसर में कीचड़ युक्त मिट्टी खोदने में लगे हुए हैं.

शिक्षक हाथ बांधे बच्चों से काम करवा रहे हैं. वह भी कुछ समय के लिए नहीं, लगातार 3 घंटे से इस तरह का काम शिक्षकों नें बच्चों से करवाया है. दरअलस, मामला महासमुंद जिले के बसना ब्लाक के अंतर्गत पौंसरा स्कूल का है. जहां पिछले दिनों हुई हल्की बारिश के बाद स्कूल परिसर में पानी जमा होने से कीचड़ बन गया था. इसी कीचड़ को साफ करने के लिए स्कूल के शिक्षकों ने बच्चों को ही फावड़ा कुदाल पकड़ा कर मिट्टी खोदने का काम दे दिया.

बच्चों से मजदूर की तरह काम लेने में कोई कसर नहीं छोड़ा और यह काम बच्चे लगातार 3 घंटे तक करते रहे. कई बच्चे थक गए और कीचड़ युक्त भी हो गए. मध्यान भोजन की बात करे तो इसमें भी घोर लापरवाही बरती जा रही है. जिस जगह पर मध्यान भोजन बनाया जा रहा था, वह जर्जर झोपड़ी नुमा है. जहां सांप बिच्छू और छिपकली का भी डर हमेशा बना रहता है. लेकिन स्कूल प्रबंधन ईस ओर जरा भी ध्यान नही दे रहा है.

लिहाजा अब ये मामला सामने आने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच कर उचित कार्यवाही करने की बात कही है. जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि बीईओ से मुझे अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नही हुई है. जैसे ही जानकारी प्राप्त होगी, इस पर जांच करने के पश्चात आखिर किस परिस्थितियों में ऐसा कराया गया है जांच करके उचित कार्यवाही की जाएगी.