बदल गई Tejas Express, यात्रियों को मिलेगा नया अनुभव, VIDEO में देखें नया लुक

दूसरी और नए बदले हुए लुक वाली तेजस एक्सप्रेस को नई दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच चलाया जाएगा. 15 अगस्त को प्रधानमंत्री हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना करेंगे.

बदल गई Tejas Express, यात्रियों को मिलेगा नया अनुभव, VIDEO में देखें नया लुक
तेजस एक्सप्रेस पहले नीले रंग की थी, अब उसके रंग में बदलाव करते हुए उसे भगवा कर दिया गया है

नई दिल्ली : तेजस एक्सप्रेस भारत की पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन है. यह ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. देश की पहली तेजस एक्सप्रेस पिछले साल 24 मई को मुंबई और गोवा के बीच चली थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को तीन नई तेजस की सौगात देने की घोषणा की थी. इस कड़ी में दूसरी ट्रेन अब दिल्ली से चंडीगढ़ की ओर रवाना होगी. तीसरी तेजस दिल्ली से लखनऊ के लिए शुरू की जानी है. दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच तेजस एक्सप्रेस सेवा का 15 अगस्त को प्रधानमंत्री उद्घाटन करेंगे. नए सफर के लिए तेजस का मेकओवर किया गया है. यानी अब आपको तेजस एक्सप्रेस नए रूप-रंग में देखने को मिलेगी. पहले तेजस नीले रंग की थी. अब इसके रंग को बदलकर भगवा किया गया है. 

कपूरथला कोच फैक्ट्री में बनी तेजस एक्सप्रेस पहली तेजस एक्सप्रेस की तुलना में ज्यादा आकर्षक रंग और ज्यादा आधुनिक है. नई ट्रेन को केसरिया, पीला और भूरे रंग से रंगा गया है. ‘मेक इन इंडिया’ के तहत तेजस एक्सप्रेस के डिब्बे पंजाब में कपूरथला स्थित रेल कोच कारखाने में बने हैं.

अगर सुविधाओं और सुरक्षा की बात करें तो इसके हर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं. सीटें आरामदायक हैं और हर सीट पर एलईजी स्क्रीन भी लगाई गई है जो कि डिमांड करने पर आपको सेवा मुहैया कराई जाएगी. पूरी ट्रेन में वाईफाई की सुविधा है. मॉड्यूलर बॉयो टॉयलेट की सुविधा है. हर सीट को ऊपर रीडिंग लाइट लगाई गई है. कुल मिलाकर तेजस में सवार होकर आपको लगागे कि आप किसी प्लेन में सवार हैं. ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, सेंसर वाले पानी के टैप, बिजनेस क्लास सीटें और सहायक को बुलाने के लिए बटन जैसी सुविधाएं दी गई हैं. 

Tejas Express

समय से पहले ही पहुंची तेजस
जून में गोवा से मुंबई तक का सफर तय करने वाली तेजस एक्‍सप्रेस अपने तय समय से 3 घंटे की देरी से चली थी लेकिन यह ट्रेन अपने तय समय से 1 मिनट पहले मुंबई पहुंच गई. मुंबई स्टेशन पर यात्री भी यह देख कर चौंक गए कि आखिर कैसे ट्रेन देरी से चलने के बाद भी लेट नहीं हुई और तय समय से पहले ही पहुंच गई. 

खास बातें 
तेजस 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकती है.
हालांकि इसकी औसत रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा ही रहेगी.
तेजस के कोच चेन्नई और कपूरथला की कोच फैक्टरी में तैयार किए गए हैं.
तेजस के एक कोच को तैयार करने में लगभग 3.20 करोड़ रुपये का खर्च आया है.
ये भारत की लंबी दूरी की पहली ऐसी ट्रेन है, जिसमें ऑटोमेटिक दरवाज़े लगे हुए हैं.
ट्रेन में यात्रियों के मनोरंजन के लिए हर सीट पर LCD स्क्रीन्स भी लगाई गई हैं.
ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों को Wi-fi की सुविधा भी दी जाएगी.
तेजस एक्सप्रेस को भारत की पहली सुपर लग्जरी ट्रेन कहा जा रहा है.
इस ट्रेन में यात्रियों के लिए 4 तरह का किराया रखा गया है.
किराया सामान्य शताब्दी ट्रेन से करीब 20 प्रतिशत ज़्यादा है और हवाई जहाज़ से कम है.