तेजस्वी यादव ने माल्या के दावे पर प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री जेटली से मांगा जवाब

तेजस्वी ने बुधवार को ट्वीट कर माल्या के उस दावे कि भारत छोडने से पहले उसने वित्त मंत्री जेटली से मुलाकात की थी, कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए.

तेजस्वी यादव ने माल्या के दावे पर प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री जेटली से मांगा जवाब
(फाइल फोटो)

पटना: देश से भागने से पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात करने संबंधी विजय माल्या के दावे को लेकर बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को इसका जवाब देना चाहिए. तेजस्वी ने बुधवार को ट्वीट कर माल्या के उस दावे कि भारत छोडने से पहले उसने वित्त मंत्री जेटली से मुलाकात की थी, कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री को इसका जवाब देना चाहिए.

 

 

तेजस्वी ने केंद्र सरकार पर लगाए जमकर आरोप
तेजस्वी ने मोदी सरकार पर घोटालेबाजों और भगोड़ों के साथ हाथ मिलाकर हजारों करोड़ रूपए की लूट की साजिश रचने का भी आरोप लगाया. बिहार के बक्सर जिले में हाल में एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत होने पर जिला प्रशासन ने उनकी मृत्यु बीमारी के कारण होने का दावा किया था. इस दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तेजस्वी ने आरोप लगाया कि देश में खाद्य सुरक्षा कानून के होते हुए भी महादलित समुदाय से आने वाले दो बच्चों की मौत हो जाती है, जिसके बारे में प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को स्पष्टीकरण देना चाहिए.

 

 

माल्या के दावों को जेटली ने बताया झूठ
भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के दावों को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरासर झूठ करार दिया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि विजय माल्या का दावा पूरी तरह से झूठा है. उन्होंने कहा, '2014 से मैंने माल्या को मिलने के लिए कोई समय नहीं दिया. इसलिए उनसे मिलने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता. हालांकि जब वह राज्यसभा के सदस्य थे, तो वे सदन की कार्रवाई में शामिल होते थे. और एक मौके पर जब मैं सदन से अपने कमरे की तरफ जा रहा था तब उन्होंने प्रिविलेज का गलत इस्तेमाल किया.'

नहीं लिए थे माल्या से कागज- जेटली
अपने फेसबुक पेज पर जेटली ने कहा, 'वह मेरे पास आए और कहा कि वह सेटलमेंट के लिए एक ऑफर तैयार कर रहे हैं. इस पर मैंने उनसे कहा था कि इस बारे में मुझसे बात करने की कोई जरूरत नहीं है, उन्हें बैंकों से बात करनी चाहिए. मैंने वह कागज भी नहीं लिए जो माल्या अपने हाथों में लिए हुए थे और मुझे देने की कोशिश कर रहे थे.' 

(इनपुट भाषा से)