चंद्रशेखर राव सरकार का बड़ा फैसला, तेलंगाना विधानसभा भंग करने की सिफारिश

विधानसभा भंग किए जाने को लेकर 6 सितंबर का दिन चुने जाने का कारण बेहद ही अहम है.

चंद्रशेखर राव सरकार का बड़ा फैसला, तेलंगाना विधानसभा भंग करने की सिफारिश

हैदराबाद : तेलंगाना मंत्रिमंडल ने राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर दी है. इसके लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी राव विधानसभा भंग करने पर मंत्रिमंडल के फैसले से अवगत कराने के लिए राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन से गुरुवार दोपहर को मुलाकात करने पहुंचे. अनुसार राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन ने उनसे कार्यवाहक सीएम बने रहने को कहा है. इसके साथ राज्य में इसी साल विधानसभा चुनाव कराए जाने का रास्ता साफ हो गया है. मुख्यमंत्री केसीआर ने 119 सीटों वाले विधानसभा के लिए टीआरएस के 105 प्रत्याशियों के नाम की भी घोषणा कर दी है.

दरअसल, तेलंगाना विधानसभा का कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा था. समय से पहले विधानसभा चुनाव कराने के लिए सदन को भंग करने की तरफ बढ़ने के संकेतों के बीच पांच दिनों में दूसरी बार गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी. 

6 सितंबर को ही विधानसभा भंग करने की सिफारिश क्यों?

बता दें कि, विधानसभा भंग किए जाने को लेकर 6 सितंबर का दिन चुने जाने का कारण बेहद ही अहम है. पार्टी के सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री राव 6 नंबर को काफी लकी मानते हैं. राव का मानना है कि यह तारीख उनके के लिए कई मायनों में खास और फलदायक साबित हो सकती है.

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पहले लोकसभा के साथ होने थे विधानसभा चुनाव
तेलंगाना में विधानसभा चुनाव मूल रूप से अगले साल लोकसभा चुनाव के साथ ही निर्धारित हैं लेकिन मुख्यमंत्री को लगता है कि दोनों चुनाव अलग-अलग समय पर होने से उनकी पार्टी को फायदा मिलेगा. मई, 2014 में हुए पहले विधानसभा चुनाव में टीआरएस ने 119 सीटों में से 63 जीती थीं.