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NIA को मिला गिलानी के हस्ताक्षर वाला कैलेंडर, हुए आतंक की साजिश के खुलासे

NIA को मिला गिलानी के हस्ताक्षर वाला कैलेंडर, हुए आतंक की साजिश के खुलासे
कश्मीर में अलगावादी नेताओं पर कसा एनआईए का शिकंजा (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः जम्मू-कश्मीर में टेरर फंडिंग के मामले केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए को अहम सुराग हाथ लगे हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि इससे अलगाववादी नेताओं का असली चेहरा सामने आ जाएगा. खबर है कि इन सुरागों में अस्थिरता पैदा करने और कश्मीर में बड़ी हिंसा को अंजाम देने की पूरी योजना का कच्चा चिट्ठा है. एजेंसी ने इस मामले में और गहराई से जांच शुरू कर दी है. 

खबर है कि टेरर फंडिग केस में एनआईए को छापेमारी में जो सुराग हाथ लगे हैं उसमें सैयद अली शाह गिलानी के हस्ताक्षर किया हुआ हुर्रियत का कैलेंडर मिला हैं. ये कैलेंडर अलगाववादी अल्ताफ शाह फंटूश के घर से बरामद हुआ है. इस कैलेंडर में कश्मीर में सेना और सुरक्षाबलों के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर लोगों को भड़काने की साजिश के सबूत साफ दिखाई देते है. यह कैलेंडर 4 अगस्त 2016 का बताया जा रहा है.

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इस कैलेंडर से ये साफ हो जाता है कि कश्मीर में सेना और सुरक्षाबलों पर पथराव और प्रदर्शन कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं बल्कि सोझी समझी साजिश का नतीजा होती है. इस सबका खाका पहले तैयार कर लिया जाता है. कब क्या करना है, कैसे करना है इसकी पहले से तैयारी होती है.  

जानिए NIA के हाथ लगे हुर्रियत के इस कैलेंडर में क्या-क्या है दर्ज

- 4 अगस्त 2016 का कैलेंडर, कैलेंडर में सेना और सुरक्षाबलों के खिलाफ धरना प्रदर्शन और लोगों को भड़काने की साजिश

- 6 अगस्त 2016 लोगों को लोकल चौक और अलग-अलग जगह पर इकट्ठा होने को कहा गया, धरना प्रदर्शन की अपील 

- 8 अगस्त 2016 श्रीनगर के तरफ जाने वाली सभी सड़कों को ब्लॉक करना और लोगों को ड्यूटी ज्वाइन करने से रोकना और सभी को फोन कर कर के इस बात का दवा बनाना क्यों ऑफिस ना जाए.

- 9 अगस्त 2016 औरतों से अपील कि वह असर से मगरिब तक प्रदर्शन में शामिल हो और जगह-जगह इस्लामिक और आजादी के गाने मस्जिदों से बजाये जाए.

- 10 अगस्त 2016 जम्मू कश्मीर में तैनात सभी सुरक्षाबलों से को लेटर दिया जाए और उसे कहा जाए कि वह यहां से वापस जाएं. 

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- 11 अगस्त 2016 सभी भारत समर्थित राजनेताओं और सरपंचों से यह कहा जाए कि वह अपने पदों से त्यागपत्र दे और अपने अपने दरवाजे पर अपने त्यागपत्र की कॉपी चिपकाएं.

- 12 अगस्त 2016 आजादी के समर्थन में सभी इमाम को यह कहा गया कि मस्जिदों में लोगों को आजादी के लिए जागरूक करें और मस्जिद के दरवाजे पर आजादी के पोस्टर चिपका कर रखें. 

- 13 अगस्त 2016  काले झंडे लेकर के प्रदर्शन में शामिल हो. 

- 14 अगस्त 2016 पाकिस्तानी डे इस दिन पाकिस्तान के लिए स्पेशल प्रयोग किए जाएं नमाज किए जाएं और आजादी के हर मस्जिद में पूरे दिन गाने बजाया जाए. 

- 15 अगस्त 2016 जम्मू कश्मीर में ब्लैक डे मनाया जाए काले झंडे लेकर के राजदूत कार्यालय के सामने प्रदर्शन हो अपने घरों के ऊपर भी काले झंडे रखें दुकान मार्केट और हर चौराहे पर काले झंडे लगाया जाए

- 16 अगस्त औरतें प्रदर्शन में शामिल हो और मस्जिदों में आजादी के तराने और गाने बजे. 

आपको बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने टेरर फंडिंग के एक मामले में हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद सहित सात कश्मीरी अलगाववादियों को 25 जुलाई को दस दिन की एनआईए हिरासत में भेजा. एजेंसी ने अदालत से आरोपियों की हिरासत मांगी थी ताकि उनसे हिरासत में पूछताछ की जा सके.

जिला न्यायाधीश पूनम ए बाम्बा ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुरोध को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हिरासत में भेजने का आदेश पारित किया. एनआईए ने कश्मीर घाटी में आतंक और विध्वंसक क्रियाकलापों के कथित वित्तपोषण के मामले की जांच के संबंध में सोमवार 24 जुलाई को गिरफ्तार आरोपियों की 18 दिन की हिरासत मांगी थी.

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एनआईए ने अदालत को बताया कि आरोपियों अल्ताफ अहमद शाह, अयाज अकबर, पीर सैफुल्लाह, शाहिद उल इस्लाम, मेहराजुद्दीन कालवाल, नईम खान और फारूक अहमद डार का सामना एक दूसरे तथा अपराध से जुड़े साक्ष्यों से कराना है.

एनआईए ने कहा कि उन्हें जांच के सिलसिले में कई स्थानों पर ले जाना है. आरोपियों की ओर से पेश अधिवक्ता रजत कुमार ने हालांकि एजेंसी के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि एनआईए इस मामले की एक महीने से जांच कर रही है. कट्टरपंथी अलगाववादी नेता गिलानी के दामाद शाह जम्मू कश्मीर पुलिस की हिरासत में हैं. पुलिस ने ईद के बाद उन्हें तत्काल ऐहतियाती हिरासत में ले लिया था.