close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बड़ा हमला, डिप्टी कमिश्नर दफ्तर पर आतंकियों ने फेंके ग्रेनेड

 ग्रेनेड दफ्तर के भीतर नहीं जा सका और गेट पर ही विस्फोट हुआ. हमले में 14 लोग घायल हुए हैं. तीन की हालत गंभीर बनी हुई है.

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बड़ा हमला, डिप्टी कमिश्नर दफ्तर पर आतंकियों ने फेंके ग्रेनेड
अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है.

श्रीनगर: श्रीनगर से 55 किलोमीटर दूर अनंतनाग में शनिवार को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर के बाहर संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा ग्रेनेड फेंके जाने से कम से कम 14 लोग घायल हो गए. आतंकियों ने 11 बजे अचानक ग्रेनेड हमला किया. आतंककवादी एक मोटर साइकिल पर आए थे लेकिन निशाना चूक गए. ग्रेनेड दफ्तर के भीतर नहीं जा सका और गेट पर ही विस्फोट हुआ. हमले में 14 लोग घायल हुए हैं. तीन की हालत गंभीर बनी हुई है.

घायलों में 12 वर्षीय एक बच्चे समेत ट्रैफिक सिपाही और एक पत्रकार शामिल है. तुरंत इस क्षेत्र को सुरक्षा बलों ने घेरे में लेकर घंटों तलाशी अभियान चलाया मगर हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे. अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने अपने स्लीपर सेल और ओवर ग्राउंड वर्करों को सक्रिय कर दिया है और उनको ग्रेनेड और पिस्तौल दिए गए हैं. हालांकि पुलिस ने इन लोगों की एक लिस्ट भी तैयार की है जिसके मुताबिक उनकी तलाश शुरू कर दी गई है. पुलिस ने कई जगहों पर छापा मारी भी की है. जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करने के बाद से कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों पर यह दूसरा हमला है और दक्षिणी कश्मीर में पहला हमला है.

LIVE टीवी:

28 सितंबर को आतंकवादियों ने श्रीनगर के पुराने शहर में सीआरपीएफ कर्मियों पर ग्रेनेड फेंका था. हालांकि, इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था. उसी दिन, जम्मू-किश्तवाड़ राजमार्ग के साथ बटोट इलाके में सेना के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए थे. गोलाबारी में सेना का एक जवान भी शहीद हो गया था. उसी दिन कश्मीर के गांदेरबल इलाके के जंगलों में एक मुठभेड में दो आतंकवादी भी मारे गए थे. इन जंगलों में और आतंकी छुपाए होने की सुचना पर अभी ऑपेरशन जारी है. ख़ुफ़िया विभाग के मुताबिक घाटी में अनुछेद 370 हटने के बाद कई आतंकियों ने पाकिस्तानी सेना की मदद से घुसपेठ की है और करीब 40-50 के करीब घाटी में घुसने में सफल रहे हैं जिनकी तलाश जारी है.