फिर सक्रिय हुए बालाकोट में आतंकी कैंप, मसूद अजहर का साला दे रहा 27 आतंकियों को ट्रेनिंग

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक बालाकोट में जैश के आतंकी कैंप एक बार फिर से सक्रिय हो गए हैं. 

फिर सक्रिय हुए बालाकोट में आतंकी कैंप, मसूद अजहर का साला दे रहा 27 आतंकियों को ट्रेनिंग
फाइल फोटो

नई दिल्ली: खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक बालाकोट में जैश के आतंकी कैंप एक ck फिर से सक्रिय हो गए हैं. पिछले साल सीआरपीएफ के काफिले पर जैश के आतंकी हमले के बाद भारतीय वायु सेना का फाइटर जेट्स ने बालाकोट के आतंकी कैंप को तबाह कर दिया था. ज़ी न्यूज को मिली एक्सूलिसव जानकारी के मुताबिक बालाकोट में जैश के 27 आतंकियों को भारत पर हमले के लिए तैयार किया जा रहा है. इन 27 आतंकियों में से 19 पाकिस्तानी आतंकी है और 8 पाक अधिकृत कश्मीर यानि पीओके से हैं. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक बालाकोट के इन आतंकी कैंप का इंचार्ज मसूद अजहर के साले युसूफ अजहर को बनाया गया है.

यूसूफ अजहर के खिलाफ रेड कार्नर का नोटिस भी है जारी
पिछले साल बालाकोट में भारतीय वायुसेना के हमले में यूसूफ अजहर के मारे जाने की खबर आई थी, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि वो इस हमले में बच गया था और अब वो एक बार फिर से बालाकोट में सक्रिय हो गया है. यूसुफ अजहर का नाम सबसे पहले कंधार में इंडियन एयरलाइन की फ्लाइट IC 814 के अपहरण में आया था. 

यूसूफ अजहर के खिलाफ रेड कार्नर का नोटिस भी जारी है. ऐसे में यूसूफ अजहर का नाम बालाकोट में एक बार फिर से सक्रिय होने पर खुफिया एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. सूत्रों के मुताबिक जैश कमांडर जुबैर को आतंकियों की ट्रेनिंग की जिम्मेदारी दी गई है जो बालाकोट के साथ साथ अफगानिस्तान में भी सक्रिय है.

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देखा जाये तो जैश, अलकायदा ,तालिबान और हक्कानी नेटवर्क जैसे अफगानिस्तान के आतंकी संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है जो भारत के साथ साथ अफगानिस्तान के लिए भी बड़ा खतरा है. उधर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने आतंकी गुट जैश-ए मोहम्‍मद के कमांडरों के साथ मीटिंग की है.

इस बैठक में पाकिस्तानी सेना, आईएसआई से जुड़े अधिकारी और कई आतंकी गुटों के कमांडर शामिल हुए हैं. बैठक में जैश का आपरेशन कमांडर मुफ्ती अब्दुल रउफ असगर भी शामिल हुआ. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस बैठक का मकसद भारत की तरफ से आतंक पर पाकिस्तान के खिलाफ बढ़ते दवाब और साथ ही आतंकी हमलों की कार्य योजना तैयार करना था. 

बैठक के दौरान आईएसआई ने अब्दुल रउफ असगर को भरोसा दिलाया है कि सरकार जैश के खिलाफ पाबंदियों को धीरे-धीरे हटा लेगी, जिससे जैश और दूसरे आतंकी संगठन भारत पर आतंकी हमलों की कारवाई को अंजाम दे सके. इस बैठक में अब्दुल रउफ से कहा गया है कि वो जम्मू-कश्मीर समेत भारत के दूसरे इलाकों में आतंकी हमले को अंजाम दे.

आईएसआई ने जैश कमांडर अब्दुल रउफ से ये भी कहा है कि भारत पर हमले को इस तरह से अंजाम दिया जाये कि जैश को अंतरराष्ट्रीय निगरानी से बचाया जा सके. खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक ये भी जानकारी सामने आ रही है कि जैश ए मोहम्मद ने अपने मरकजों और मदरसों में पुरानी गतिविधियों को एक बार फिर से तेज करने में लगा हुआ है. इन मरकजों में धार्मिक कट्टरता  सिखाने वाले कोर्स और भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ने को कहा जा रहा है. 

जुबेर बालाकोट के साथ साथ अफगानिस्तान में भी काफी सक्रिय है
जैश अफगानिस्तान में तैनात आतंकियों को धीरे-धीरे जम्मू कश्मीर की ओर शिफ्ट करने में लगा हुआ है, ताकि भारत पर बड़े हमले कराए जा सके. बालाकोट में एक बार फिर से जैश के आतंकी कैंपों को सक्रिय कर दिया गया है और आतंकियों को ट्रेनिंग देने का काम भी शुरू हो चुका है. बालाकोट में जैश के कमांडर जुबैर ने एक बार फिर से आतंकियों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है. 

जुबेर बालाकोट के साथ साथ अफगानिस्तान में भी काफी सक्रिय है. पाकिस्तान सरकार ने आतंकी संगठन लश्कर और जैश जैसे संगठनों से जुड़े चैरिटबल संगठनों पर लगी लगी पाबंदियों में छूट देनी शुरू कर दी है.
पाकिस्तान ने एफएटीएफ को झांसा देने के लिए जैश-ए मोहम्‍मद और दूसरे आतंकी संगठनों को धीरे-धीरे ढील देने की तैयारी कर रहा है. पाकिस्तान की इस रणनीति का मकसद दुनिया को ये दिखाना है कि वो जैश पर कार्रवाई कर रहा है लेकिन हकीकत ये है कि जैश-ए मोहम्‍मद की गतिविधियों को और तेज करने का फैसला लिया गया है.