मध्य प्रदेश के हरदा में दोहरा ट्रेन हादसा: 29 लोगों की मौत

मध्य प्रदेश के हरदा में बीती देर रात एक रेल पुल पार करते समय बाढ़ के पानी में डूबी पटरियों से दो ट्रेनों के डिब्बों के कुछ ही मिनटों के अंतराल में उतरकर उफनती माचक नदी में गिर जाने से 29 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए।

मध्य प्रदेश के हरदा में दोहरा ट्रेन हादसा: 29 लोगों की मौत

हरदा : मध्य प्रदेश के हरदा में बीती देर रात एक रेल पुल पार करते समय बाढ़ के पानी में डूबी पटरियों से दो ट्रेनों के डिब्बों के कुछ ही मिनटों के अंतराल में उतरकर उफनती माचक नदी में गिर जाने से 29 लोगों की मौत हो गई और 25 अन्य लोग घायल हो गए। बीती रात करीब साढ़े ग्यारह बजे के आसपास हुए दोहरे ट्रेन हादसे में मरने वालों की विरोधाभासी संख्या बताई जा रही है । हादसा भोपाल से करीब 160 किलोमीटर दूर खिरकिया और भिरंगी स्टेशनों के बीच खंडवा-इटारसी खंड में हुआ । हादसे की शिकार होने वाली ट्रेनों में वाराणसी जा रही कामायनी एक्सप्रेस और पटना से मुंबई जा रही जनता एक्सप्रेस शामिल हैं।

मध्यप्रदेश सरकार के प्रवक्ता अनुपम राजन ने कहा, ‘भोपाल से करीब 160 किलोमीटर दूर खिरकिया और हरदा के बीच दुर्घटनास्थल से अब तक 29 शव बरामद किए गए हैं, जिनमें 13 पुरूष, 11 महिलाएं और पांच बच्चे शामिल हैं। ’ रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि 250 से ज्यादा यात्री बचाए जा चुके हैं। हालांकि रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने संसद में बताया कि हादसे में 12 यात्रियों की मौत हुई है। रेल मंत्री ने राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के शोर के बीच कहा, ‘प्रथमदृष्ट्या इस दुर्घटना की वजह भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ लगती है।’

रेल मंत्रालय ने दो ट्रेनों के डिब्बे पटरी से उतर जाने के कारण हुई इस दुर्घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। मंत्रालय ने मृतकों के परिजन के लिए दो-दो लाख रूपए की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुर्घटनाओं में लोगों की मौत पर दु:ख और पीड़ा जाहिर की है। राज्य सरकार ने कहा कि दोनों ट्रेनों के 21 डिब्बे पटरी से उतरे, लेकिन डीआरएम ने बताया कि जनता एक्सप्रेस के सात डिब्बे एवं इंजन और कामायनी एक्सप्रेस के 10 डिब्बे पटरी से उतर गए।

मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी पीयूष माथुर के अनुसार कामायनी एक्सप्रेस के सात डिब्बे और राजेंद्र नगर (पटना) मुंबई जनता एक्सप्रेस के तीन डिब्बे तथा इंजन पटरी से उतरे। रेलवे प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त दुर्घटनाओं के संबंध में जांच करेंगे। अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना से मात्र आठ मिनट पूर्व दो ट्रेनें इस प्रखंड से गुजरी थीं और उनके चालकों को किसी प्रकार की समस्या का पता नहीं चला।

हादसा मंगलवार रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर हुआ क्योंकि भारी बारिश के चलते पटरियों के नीचे की सामग्री बह गई ।’ जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, ‘करीब 25 यात्री घायल हुए हैं ।’ रेलवे के वाणिज्य मंडल प्रबंधक ब्रजेंद्र कुमार ने बताया कि भीषण बाढ़ में यात्रियों के बह जाने की आशंका के मद्देनजर आसपास के इलाकों में खोज अभियान शुरू कर दिया गया है । जानकारी के मुताबिक हादसा बुधवार देर रात 1:30 बजे काली माचक नदी से पहले बनी एक छोटी पुलिया की है। ट्रेन संख्या 11071 (मुम्बई-वाराणसी) कामायनी एक्सप्रेस के 11 डिब्बे पुलिया धंसने कारण पटरी से उतर गए, जबकि इसके ठीक बाद 13201 जनता एक्सप्रेस (राजेंद्रनगर-कुर्ला) ठीस उसी जगह हादसे का शि‍कार हुई।