घर से 40 किमी दूर जाती थीं पढ़ने स्कूल, आज लाखों लोग खेल रहे हैं इनकी बनाई हुई गेम

अगर आपके अंदर हौसला है, तो दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं जो आप नहीं कर सकते. आए दिन हमें कोई न कोई ऐसी खबर पढ़ने को मिल ही जाती है, जो हमें हिम्मत देती है और हमें प्रेरणा देती है. कुछ ऐसी ही कहानी है मेक मोका की फाउंडर अर्पिता कपूर की. 

घर से 40 किमी दूर जाती थीं पढ़ने स्कूल, आज लाखों लोग खेल रहे हैं इनकी बनाई हुई गेम
मेक मोका की फाउंडर अर्पिता कपूर (फोटो- फेसबुक)

नई दिल्ली: अगर आपके अंदर हौसला है, तो दुनिया में ऐसा कोई काम नहीं जो आप नहीं कर सकते. आए दिन हमें कोई न कोई ऐसी खबर पढ़ने को मिल ही जाती है, जो हमें हिम्मत देती है और हमें प्रेरणा देती है. कुछ ऐसी ही कहानी है मेक मोका की फाउंडर अर्पिता कपूर की. अर्पिता ने एक 'छोटा भीम हिमालयन' गेम बनाया है. इन दिनों देश में यह गेम काफी लोकप्रिय हो गया है और लगभग 45 लाख यूजर्स इस गेम को खेल रहे हैं. 

लखनऊ के पास तिहानी गांव की रहने वाली हैं अर्पिता
एक हिंदी अखबार ने अर्पिता का इंटरव्यू प्रकाशित किया है, जिसमें बताया गया है कि मेक मोका की फाउंडर अर्पिता कपूर और उनके साथी मोहित रंगराजू ने इस गेम को बनाया है और ये दोनों ग्वालियर के अटल बिहारी वाजपेयी ट्रिपल आईटीएम कॉलेज से पढ़े हुए हैं. लखनऊ के पास तिहानी गांव की रहने वाली अर्पिता बताती हैं कि उनके परिवार का फार्मास्युटिकल्स का बिजनेस है. 

शुरू से पढ़ाई में टॉपर रही हैं अर्पिता
अर्पिता कहती हैं कि वह शुरू से पढ़ाई में टॉपर रही. 10वीं में डिस्ट्रिक्ट टॉप करने के बाद उन्हें दिल्ली के एक स्कूल ने पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप दी, लेकिन रिश्तेदारों ने यह कहते हुए मना किया कि इतनी कम उम्र में वह दिल्ली में कैसे पढ़ेंगी, लेकिन पिता ने अर्पिता की इच्छा मानते हुए उन्हें दिल्ली पढ़ने भेजा. अर्पिता बताती हैं कि उनके गांव में कोई भी इंग्लिश मीडियम स्कूल नहीं था. इसलिए पिताजी ने इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन कराया जो गांव से 40 किमी दूर था. अर्पिता के पिता रोज सुबह 4.30 बजे उन्हें अंग्रेजी मीडियम स्कूल छोड़ने जाते थे. 

पपेट पंच नाम का गेम भी बनाया था
बता दें, 'छोटा भीम हिमालयन गेम' से पहले इन्होंने पपेट पंच नाम का गेम भी बनाया था, जो ड्रैगन को पंच मारता है. लेवल आगे बढ़ते हैं और गेम उतना ही रोचक होता चला जाता है. पपेट पंच को राजस्थानी, गुजराती, भोजपुरी सहित कई लुक दिए जा चुके हैं. पपेट पंच इनका पहला गेम था, जिसमें आईटीएम के टेक्नोलॉजी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर (टीआईआईसी) ने मदद की थी. 

एक विदेशी कंपनी ने की 32 करोड़ रुपए की फंडिंग
इसके बाद अर्पिता और मोहित ने मेक मोका नाम की कंपनी बनाई और बाद में इन्हीं के कॉलेज से पढ़े शिल्प गुप्ता भी इससे जुड़ गए. 2015 में इन्होंने अपना हेड ऑफिस बेंगलुरू में बनाया. छोटा भीम हिमालयन की लोकप्रियता से विदेशी कंपनी भी प्रभावित हुईं और अब महज तीन साल पुरानी इस कंपनी को दो भारतीय सहित एक विदेशी कंपनी ने 32 करोड़ रुपए की फंडिंग की है. अब इस स्टार्टअप में 30 लोग काम कर रहे हैं. गौरतलब है कि स्टार्टअप शुरू करने के लिए टीआईआईसी की ओर से 6.50 लाख रुपये की फंडिंग की गई थी.