केजे अल्फोंस ने एडवेंचर टूरिज्म की नई गाइडलाइन्स की जारी, पर्यटन को बढ़ावा देने की जताई उम्मीद

पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने भारत में एडवेंचर टूरिज्म को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं. 

केजे अल्फोंस ने एडवेंचर टूरिज्म की नई गाइडलाइन्स की जारी, पर्यटन को बढ़ावा देने की जताई उम्मीद
एडवेंचर स्पोर्ट्स अब बनेंगे और सुरक्षित (फाइल फोटो)

नई दिल्ली (शिव प्रकाश यादव) : पर्यटन मंत्री केजे अल्फोंस ने भारत में एडवेंचर टूरिज्म को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इन नए दिशा-निर्देशों को जारी करते हुए केजे अल्फोंस ने कहा कि भारत में हिमालय से लेकर तटीय क्षेत्रों तक एडवेंचर टूरिज्म की विशाल संभावना है. इन 29 दिशा-निर्देशों में भूमि (15), वायु (7) और पानी आधारित (7) गतिविधियां शामिल हैं, जिनमें पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, बंजी जंपिंग, पैराग्लाइडिंग, कायाकिंग, स्कूबा डाइविंग, रिवर राफ्टिंग और कई अन्य खेल शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ये दिशा निर्देश भारत में एडवेंचर टूरिज्म बनाने की शुरुआत कर रहे हैं. मंत्री ने यह भी कहा कि भारत पर्यटकों के बीच मशहूर है ऐसे में यहां पर पर्यटन संबंधित सुविधाओं और समर्थन कर्मचारियों को वैश्विक मानकों के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए.

विभिन्न गतिविधियों के लिए ये हैं नए दिशानिर्देश:
बंजी जंपिंग
बजी जंपिग करवाने वाले कर्मचारियों को सही ढंग से प्रशिक्षित किया जाना चाहिए. उन्हें इसमें अच्छा अनुभव होना चाहिए. उन्हें शांत और मैच्योर होना चाहिए. वो इतने सक्षम हों कि कमियों उनकी नजर से चूके नहीं. उन्हें शारीरिक फिटनेस, आत्म-अनुशासन, उत्कृष्ट संचार और जोखिम प्रबंधन कौशल आना चाहिए. साथ ही इन गतिविधियों को करने की प्रेरणा भी होना चाहिए.

उपकरण- बंजी जंपिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण को प्रतिष्ठित कंपनियों से प्रमाणित और प्राप्त किया जाना चाहिए. उपकरण का भंडारण और रखरखाव उचित तरीके से होना चाहिए. उपकरण का नियमित निरीक्षण किया जाना चाहिए और एक रिकॉर्ड बनाए रखा जाना चाहिए. किसी अनधिकृत व्यक्ति की उपकरण तक पहुंच नहीं होनी चाहिए. सभी रिजेक्ट किए गए उपकरण को साइट से हटा दिया जाना चाहिए और नष्ट कर दिया जाना चाहिए.

कैमल सफारी
कैमल गाइड: बुनियादी न्यूनतम योग्यताएं और अनुभव:
-जानवर स्वस्थ और शारीरिक रूप से फिट होना चाहिए. ऊंट बहुत युवा नहीं होना चाहिए क्योंकि एक युवा ऊंट अक्सर सवार के वजन को ले जाने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं होता है.
-राजस्थान में सभी ऊंट ड्रोमेडरीज़ (एक कूल्हे के साथ) और सफारी सीटों पर इस्तेमाल के लिए सैडल, दो लोगों के लिए होते हैं. दो व्यक्तियों को केवल उसी स्थिति में एक ऊंट की सवारी करनी चाहिए जब उन दोनों का कुल वजन 65 किलोग्राम से कम हो.
-ऊंट पर इस्तेमाल की जाने वाली टाइल अच्छी गुणवत्ता और ऊंट व सवार दोनों के लिए आरामदायक होना चाहिए.
-सवारों को लोगों के लिए सैडल प्रदान किया जाना चाहिए.
-सीट को ठीक से बांधा जाना चाहिए नहीं तो उसके स्लिप होने का खतरा है, जो यात्री के लिए भी खतरनाक हो सकता है.

इसके साथ ही ट्रेवल गाइड के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, न्यूनतम योग्यता और अनुभव, कैमल सफारी से संबंधित उपकरणों को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए.

रॉक क्लाइम्बिंग
गाइड और प्रशिक्षकों जो चढ़ाई और अत्याधुनिक गतिविधियों की देखरेख कर रहे हैं, उनके पास निम्नलिखित न्यूनतम वैध प्रमाणपत्र होना चाहिए
-एक मान्यता प्राप्त और क्वालिफाइड प्रोवाइडर द्वारा दिया फर्स्ट एड में सर्टिफिकेट.
-किसी भी राष्ट्रीय पर्वतारोहण संस्थान से बेसिक पर्वतारोहण पाठ्यक्रम और एमओआई प्रमाणित प्रशिक्षक को क्लाइम्बिंग और कम से कम 100 घंटे की आउटडोर एक्टिविटी या भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (आईएमएफ) से स्पोर्टिंग क्लाइंबिंग इंस्ट्रक्टर कोर्स, या प्रमाणित पर्याप्त अनुभव होना चाहिए.

इसके साथ ही रॉक क्लाइम्बिंग के उपकरणों के बारे में भी दिशा-निर्देश दिए गए. इसमें कहा गया कि, क्लाइम्बिंग के लिए उपयोग होने वाले उपकरणों को सही रखरखाव किया जाना चाहिए. इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए.

इसके साथ ही हॉट एयर बलून और रिवर राफ्टिंग को लेकर भी विस्तार से गाइडलाइन्स जारी की गई है, ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.