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कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड में 10 जून को आएगा फैसला

कोर्ट ने 8 जून 2018 को सात आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए. सभी आरोपी गुरदासपुर की जेल में रखे गए हैं.

कठुआ सामूहिक दुष्कर्म व हत्याकांड में 10 जून को आएगा फैसला
जम्मू के कठुआ में 8 साल की एक बच्ची 10 जनवरी 2018 को लापता हो गई थी.

नई दिल्ली: बहुचर्चित कठुआ सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड में 10 जून को सुबह 10 बजे फैसला आ जाएगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पठानकोट की अदालत ने सुनवाई पूरी कर ली है. अदालत में चल रहा ट्रायल समाप्त हो चुका है. वहीं, आरोपियों के वकीलों और बचाव पक्ष ने सभी को बेकसूर बताया है. इस केस में पीड़ित पक्ष की वकालत कर रही वकील दीपिका राजावत को परिवार ने केस से हटा दिया था. इसके पीछे उन्‍होंने उनका कोर्ट में सुनवाई के दौरान उपस्थित न रहना बताया गया था.

पीड़ित परिवार का कहना था कि पठानकोट की अदालत में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रोजाना सुनवाई हो रही है, लेकिन व‍कील दीपिका राजावत पिछले पांच महीनों में महज दो या तीन बार ही कोर्ट में उपस्थित हुई हैं. वहीं, पीड़ित परिवार के इन आरोपों पर वकील दीपिका राजावत का कहना है कि वह ब्‍लेम गेम में नहीं पड़ना चाहती हैं. उन्‍होंने उल्‍टा पीड़ित बच्‍ची के पिता पर ही आरोप लगाया है. उनका कहना है कि बच्‍ची का पिता ही कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ और उन्‍होंने मेरे खिलाफ ही एप्‍लीकेशन दे दी है. दीपिका का कहना है कि उनके जीवन में ऐसी घटना पहली बार हुई है.

जानिए, केस में शुरू से अब तक क्या कैसे हुआ
जम्मू के कठुआ में 8 साल की एक बच्ची 10 जनवरी 2018 को लापता हो गई थी. 7 दिनों बाद जंगल में बच्ची की लाश क्षत-विक्षत हालत में मिली थी. बच्ची खानाबदोश बकलवाल समुदाय से थी, जो कठुआ में अल्पसंख्यक हैं. बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में परिजनों ने प्रदर्शन किया और हाईवे जाम कर दिया. मामले में 18 जनवरी को एक आरोपी का सुराग लगा और उसे दबोच लिया गया.

 

पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद मामले में अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. मामले में सांझी राम, उसका बेटा विशाल और भतीजा, एसपीओ सुरेन्द्र कुमार, विशेष पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया, सब इंस्पेक्टर आनंद दत्ता, हेड कांस्टेबल तिलक राज और प्रवेश कुमार आरोपी हैं. 

पीड़ित परिवार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यह मामला कठुआ अदालत से पठानकोट की सेशन कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया. कोर्ट ने 8 जून 2018 को सात आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के आरोप तय किए. सभी आरोपी गुरदासपुर की जेल में रखे गए हैं.