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त्रिपुरा ग्राम पंचायत चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत, 83% उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित

त्रिपुरा के ग्राम पंचायत चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी की बंपर जीत हुई है. पार्टी के 83% उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं.

त्रिपुरा ग्राम पंचायत चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत, 83% उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा, "सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के ज्यादातर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं...

अगरतला: त्रिपुरा ग्राम पंचायत चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी की बंपर जीत हुई है. पार्टी के 83% उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. गौरतलब है कि त्रिपुरा चुनाव आयोग ने पिछले सप्ताह ही ग्राम पंचायत की 6646 सीटों के चुनाव की घोषणा की थी. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 8 जुलाई थी. वहीं उम्मीदवारी वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जुलाई थी. इसी बीच पार्टी ने बंपर जीत हासिल की है. हालांकि, मतों की गिनती 31 जुलाई को होनी है.  

राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा, "सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के ज्यादातर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. अब लगभग 850 ग्राम पंचायतों, 85 पंचायत समिति और 80 जिला परिषद की सीटों पर 27 जुलाई को चुनाव करवाए जाएंगे." राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने कहा, "सीपीआईएम और कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने अधिकांश सीटों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे. इसके अलावा, दो अन्य पार्टियों ने कई उम्मीदवार हटा लिए."  

अब 6,646 सीटों में से 591 ग्राम पंचायत, 35 पंचायत समिति (419 सीट) और 8 जिला परिषद (116 सीट) पर 27 जुलाई को चुनाव करवाए जाएंगे. पिछले सप्ताह स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी, सीपीआईएम और कांग्रेस के स्थानीय नेताओं के बीच राजनीतिक हिंसा देखने को मिली थी जिसमें 75 लोग घायल हुए थे. पुलिस के मुताबिक, चुनाव से पहले हिंसा दक्षिण त्रिपुरा, पश्चिमी त्रिपुरा, खोवाई और उत्तरी त्रिपुरा के जिलों में हुई.  

उधर, सीपीआईएम और कांग्रेस के नेताओं ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि हिंसा के चलते उनके उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल नहीं कर सके. उधर, बीजेपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि विपक्षी दलों ने अपना जनाधार खो दिया है.

बीजेपी प्रवक्ता नेबेंदू भट्टाचार्जी ने कहा, "कांग्रेस और सीपीआईएम दोनों पार्टियां पंचायत चुनाव लड़ने के तैयार नहीं है क्योंकि उन्हें अपनी हार सुनिश्चित लग रही है. यही वजह है कि वे बिना आधार के बीजेपी के खिलाफ आरोप लगा रहे हैं."

(इनपुट IANS से)