Kapil Sibal Bihar Elections News: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने बिहार असेंबली चुनाव में वोट डालने के लिए जा रहे मतदाताओं के लिए स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सच्चे वोटर्स को स्पेशल ट्रेन की जरूरत नहीं पड़ती.
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Kapil Sibal on Special Train for Bihari Voters: बिहार चुनाव में भाग लेने के लिए दूसरे प्रदेशों में रह रहे मतदाताओं को बिहार भेजने की चुनाव आयोग की पहल कई नेताओं को रास नहीं आ रही है. इन्हीं में एक बड़ा नाम कपिल सिब्बल का है. उन्होंने रविवार को प्रेसवार्ता करके इस मुद्दे पर जमकर भड़ास निकाली. सिब्बल ने आरोप लगाया कि हाल ही में हरियाणा से बिहार जाने वाली कुछ ट्रेनों में हजारों लोग संदिग्ध हालात में यात्रा कर रहे थे, जिससे बीजेपी को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
'क्या चुनाव आयोग बीजेपी का सहयोगी बन गया'
चुनाव आयोग और रेलवे मंत्रालय पर निशाना साधते हुए राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने कहा, 'आज मैं यह सवाल उठाने आया हूं कि चुनाव आयोग निष्पक्षता से काम कर रहा है या फिर बीजेपी का सहयोगी बन गया है, जैसा कई लोग कहते हैं.''
उन्होंने दावा किया कि 3 नवंबर को चार ट्रेनें हरियाणा से बिहार रवाना हुईं. इनमें से दो करनाल से पानीपत होते हुए बरौनी गईं. वहीं दो ट्रेन गुरुग्राम से पटना होते हुए भागलपुर पहुंचीं. सिब्बल के मुताबिक, इन चारों ट्रेनों में करीब 6,000 लोग सवार थे.
ट्रेनों से बिहार गए लोग कौन थे- सिब्बल
सिब्बल ने सवाल उठाते हुए कहा, 'आख़िर ये लोग कौन थे? अगर ये बिहार के असली वोटर हैं, तो फिर इन्हें अब चुनाव से ठीक पहले स्पेशल ट्रेन की क्या जरूरत पड़ी? अगर ये कोई ‘प्लान्ड ऑपरेशन’ था, तो चुनाव आयोग चुप क्यों है?'
उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी जवाब मांगा कि क्या ये ट्रेनें स्पेशल सर्विस के तहत चलाई गई थीं. अगर हां, तो फिर छठ पूजा के समय क्यों नहीं चलाई गईं, अभी चुनाव के वक्त ही क्यों चलाई गईं? सिब्बल ने बिहारी मतदाताओं पर तंज कसते हुए कहा, 'असली वोटरों को तो कभी स्पेशल ट्रेन की जरूरत ही नहीं पड़ती.'
'चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्षता बनाए रखना'
सिब्बल ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी निष्पक्षता बनाए रखना है, लेकिन ऐसे मामलों पर उसकी चुप्पी जनता के भरोसे को कमजोर कर रही है. उन्होंने मांग की कि इस पूरी घटना की जांच होनी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि कहीं इन ट्रेनों का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद से तो नहीं किया गया.
उधर, इस बयान पर अभी तक रेलवे और चुनाव आयोग की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है. वहीं राजनीतिक गलियारों में सिब्बल के इन आरोपों ने हलचल मचा दी है, खासकर तब जब बिहार में चुनावी माहौल गर्म है. विपक्ष का कहना है कि अगर ये आरोप सच हैं, तो यह चुनावी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.