BJP सांसद गौतम गंभीर और CM केजरीवाल के बीच छिड़ा ट्विटर वॉर, यहां जानें पूरा मामला

पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और सीएम केजरीवाल के बीच विवाद सामने आया है. गंभीर ने ट्वीट कर सीएम केजरीवाल पर निशाना साधा था.   

BJP सांसद गौतम गंभीर और CM केजरीवाल के बीच छिड़ा ट्विटर वॉर, यहां जानें पूरा मामला
फाइल फोटो

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और सीएम केजरीवाल के बीच विवाद सामने आया है. गंभीर ने ट्वीट कर सीएम केजरीवाल पर निशाना साधा था. 

दरअसल गंभीर द्वारा अपनी सांसद निधि से की गई 50 लाख रुपए की पेशकश को दिल्ली सरकार द्वारा स्वीकार नहीं किए जाने की बात कहने के बाद, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि रुपयों की समस्या नहीं है बल्कि स्वास्थ्य कर्मियों के लिये सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता नहीं होना समस्या है.

गंभीर ने एक ट्वीट में कहा कि केजरीवाल और उनके उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का “बड़ा अहं” उन्हें स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 50 लाख रुपए नहीं लेने दे रहा.

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गंभीर ने ट्वीट किया, “मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके उप मुख्यमंत्री ने कहा था कि कोष की जरूरत है, लेकिन उनका अहं मेरे एलएडी फंड से 50 लाख रुपए लेना स्वीकार नहीं कर रहा. इसलिए मैं 50 लाख रुपए और जोड़ रहा हूं, ताकि निर्दोष लोगों को परेशानी न हो. एक करोड़ रुपयों से कम से कम मास्क और पीपीई की तात्कालिक जरूरत पूरी हो जाएगी. उम्मीद है कि वे दिल्ली को प्राथमिकता देंगे.”

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने ट्वीट किया, “गौतम जी, आपकी पेशकश के लिए शुक्रिया. समस्या पैसों की नहीं पीपीई किटों की उपलब्धता की है. हम बहुत शुक्रगुजार होंगे अगर आप उन्हें तत्काल कहीं से दिलाने में हमारी मदद कर सकें. दिल्ली सरकार उन्हें खरीद लेगी. शुक्रिया.”

गंभीर ने इस पर एक ट्वीट में मुख्यमंत्री को जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने 1,000 पीपीई किट हासिल कर लिए हैं और पूछा कि उन्हें कहां भेजें. उन्होंने केजरीवाल से यह भी कहा कि यह बातों का नहीं काम करने का समय है. 

गंभीर ने ट्वीट किया, “अरविंद जी, पहले आप और आपके उपमुख्यमंत्री रुपयों की कमी का दावा करते हैं. अब आप उनके विरोधाभासी बात कर रहे हैं और कह रहे हैं कि किटों की कमी है. कोई बात नहीं, 1,000 पीपीई किट प्राप्त कर लिए हैं. कृपया मुझे बताएं कि उन्हें कहां भिजवाया जा सकता है. बातों का समय खत्म हो चुका है, यह काम करने का समय है. बेसब्री से आपके जवाब की प्रतीक्षा कर रहा हूं.”

गंभीर ने केजरीवाल को सोमवार को लिखे गए एक पत्र में कहा कि उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली के कई सरकारी अस्पतालों में बढ़ती चिकित्सीय उपकरणों की मांगों को पूरा करने के लिए धन की जरूरत है. 

भाजपा सांसद ने एक पत्र में लिखा, “दो सप्ताह पहले मैंने 50 लाख रुपए देने की बात कही थी, मैं आगे भी आपके कार्यालय को अपने एमपीएलएडी कोष से 50 लाख रुपये देने की इस उम्मीद में पेशकश करता हूं कि इस धन का इस्तेमाल चिकित्साकर्मियों के लिए उपकरण खरीदने और कोविड-19 के इलाज में होगा.''

गंभीर ने इससे पहले आप सरकार पर इस मुद्दे पर ‘घड़ियाली आंसू बहाने’ और विक्टिम कार्ड (पीड़ित दिखने) खेलने का आरोप लगाया था और पीपीई किट और मास्क खरीदने के लिए 50 लाख रुपए की पेशकश की थी लेकिन इस पर कोई जवाब दिल्ली सरकार की ओर से नहीं आया था. 

केजरीवाल ने शनिवार को कहा था कि उन्होंने पीपीई किट के लिए केंद्र सरकार से मांग की है लेकिन एक भी नहीं मिला. उन्होंने हालांकि सोमवार को कहा कि केंद्र ने दिल्ली के लिए 27,000 पीपीई किट आवंटित किए हैं और उम्मीद जताई कि वो दो दिनों के अंदर सरकार को मिल जाएंगे. 

सिसोदिया ने दिल्ली में कोरोना वायरस से निपटने के लिए केंद्र से आपदा कोष की मांग करते हुए कहा था कि वह देश का इस महामारी से तीसरा सबसे प्रभावित राज्य है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे गए पत्र में उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार ने आपदा कोष से राज्यों के लिए 17000 करोड़ रुपए जारी किए हैं लेकिन एक भी रुपया दिल्ली को नहीं मिला है. 

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सिसोदिया ने एक ट्वीट में कहा, “मैंने केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखकर दिल्ली के लिए भी आपदा कोष की मांग की है. केंद्र ने राज्यों को कोरोना से लड़ने के लिए, आपदा फंड से 17 हज़ार करोड़ जारी किए लेकिन दिल्ली को इसमें एक रुपया भी नहीं दिया. इस समय पूरे देश को एक होकर लड़ना चाहिए. इस तरह का भेदभाव दुर्भाग्यपूर्ण है. ”

दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों का आंकड़ा 500 के पार पहुंच गया है जबकि सात लोगों की मौत हुई है. (इनपुट-भाषा)