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VIDEO: वायुसेना ने नियमित प्रशिक्षण में 2 ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं

मिसाइल ने लगभग 300 किलोमीटर दूर एक निर्धारित लक्ष्य को भेदा. दोनों मामलों में मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य को प्रत्यक्ष तौर पर भेद दिया. इस मिसाइल प्रशिक्षण से किसी मोबाइल प्लेटफार्म से जमीनी लक्ष्य को सटीकता के साथ भेदने की आईएएफ की क्षमता बढ़ गई है.

VIDEO: वायुसेना ने नियमित प्रशिक्षण में 2 ब्रह्मोस मिसाइलें दागीं

कोलकाता: भारतीय वायुसेना ने अंडमान निकोबार द्वीप समूह में त्राक द्वीप से सतह से सतह पर मार करने वाली दो ब्रह्मोस (BrahMos) मिसाइलें दागीं. रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि 21 अक्टूबर और 22 अक्टूबर को दागी गई दोनों मिसाइलें नियमित सामरिक प्रशिक्षण का एक हिस्सा थीं. मिसाइल ने लगभग 300 किलोमीटर दूर एक निर्धारित लक्ष्य को भेदा. दोनों मामलों में मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य को प्रत्यक्ष तौर पर भेद दिया. इस मिसाइल प्रशिक्षण से किसी मोबाइल प्लेटफार्म से जमीनी लक्ष्य को सटीकता के साथ भेदने की आईएएफ की क्षमता बढ़ गई है.

इससे पहले 30 सितंबर को भारत ने ओडिशा के तट से ब्रह्मोस (BrahMos) मिसाइल के एक लैंड अटैक वर्जन का सोमवार को सफल परीक्षण किया. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) के अधिकारियों ने कहा कि सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एक लैंड अटैक वर्जन का सफल परीक्षण किया गया है.

परीक्षण उद्देश्यों के परिणामों का अध्ययन करने वाले डीआरडीओ सोमवार को बाद में डेटा जारी करेगा. डीआरडीओ ने मिसाइल को रूस स्थित रॉकेट डिजाइन ब्यूरो के साथ मिलकर बनाया है.

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इससे पहले 22 मई को भारतीय वायुसेना ने बुधवार को सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एयर-लांच संस्करण का दूसरा परीक्षण किया. इस मिसाल को सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से दागा गया. आईएएफ ने एक बयान में कहा कि मिसाइल ने निर्धारित मार्ग से होते हुए सीधे लक्ष्य को भेद दिया. भारतीय नौसेना के पोत ने एक समुद्री लक्ष्य पर दागी गई मिसाइल पर नजर रखा. सुखोई-30 से ब्रह्मोस (BrahMos) का पहला परीक्षण 22 नवंबर, 2017 को किया गया था.

वायुसेना ने कहा कि भारत-रूस के संयुक्त उत्पाद, इस मिसाइल का एकीकरण एक जटिल काम था और विमान में कई बदलाव किए जाने की जरूरत थी. आईएएफ ने सॉफ्टवेयर बदलाव किया, जबकि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने मेकेनिकल और इलेक्ट्रिकल बदलाव किए. ब्रह्मोस (BrahMos) का एयर-लांच संस्करण एक 2.5 टन कर क्रूज मिसाइल है, जो 300 किलोमीटर दूरी तक मार कर सकती है.