Panjab University Senate and Syndicate: सीनेट और सिंडिकेट में किए नए बदलावों पर सभी हितधारकों की तरफ से विरोध जताने और दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने आदेश को रद्द करने का फैसला किया है.
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PU Senate: पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट और सिंडकेट में अब कोई बदलाव नहीं होगा, इस के बारे में लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से पंजाब विश्वविद्यालय के सीनेट और सिंडिकेट की संरचना में किए गए नए बदलावों को रद्द कर दिया है. शिक्षा मंत्रालय की तरफ से शुक्रवार को कहा कि अब विश्वविद्यालय के सीनेट और सिंडिकेट में पहले जैसी ही व्यवस्था बनी रहेंगी. दरअसल, हाल ही में जारी आदेश के तहत सीनेट में ऑर्डिनरी फेलो की संख्या 24 तक सीमित करने और धारा 14 और धारा 37 को हटाने जैसे बदलाव किए गए थे.
छात्र हुए नाराज
जिसके बाद इन बदलावों के खिलाफ विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों, पूर्व कुलपतियों और मौजूदा कुलपति ने आपत्ति जताई थी. सीनेट और सिंडिकेट में किए नए बदलावों पर सभी हितधारकों की तरफ से विरोध जताते और दिए गए सुझावों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने आदेश को रद्द करने का फैसला किया है. यानि की अब पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट और सिंडिकेट की मौजूदा संरचना में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. मंत्रालय का मानना है कि ये निर्णय छात्रों और विश्वविद्यालय समुदाय की मांगों को स्वीकार करते हुए लिया गया है.
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क्यों लिया फैसला ?
दरअसल, 2 मार्च 2021 को विश्वविद्यालय के कुलाधिपति की तरफ से एक हाई लेवल समिति गठित की गई थी. जिसने पंजाब विश्वविद्यालय की सीनेट और सिंडिकेट के गठन और संरचना में संशोधन का सुझाव दिया था. इस सुझाव के आधार पर ही सरकार ने पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 की धारा 72(1), (2) और (3) के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए एक नोटिफिकेशन जारी की थी. इस नोटिफिकेशन के आधार पर विश्वविद्यालय की सीनेट और सिंडिकेट की संरचना में बदलाव किए गए थे. शिक्षा मंत्रालय की तरफ से यूनिवर्सिटी छात्रों की नाराजगी और मांग के चलते यह फैसला लिया गया है.