उन्नाव कांड: योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, SHO, 2 बीट दरोगा समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

उन्नाव कांड मामले में लापरवाही के आरोप में 2 वीट दरोगा समेत एसएचओ समेत 2 वीट दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है. 

उन्नाव कांड: योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, SHO, 2 बीट दरोगा समेत 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड

नई दिल्ली: उन्नाव कांड मामले में योगी सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते SHO समेत 7 पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया है. एसपी उन्नाव विक्रांत वीर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार थाना एसएचओ अजय त्रिपाठी समेत 2 बीट दरोगा और 4 पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया है. उन्नाव की गैंगरेप पीड़िता का अंतिम संस्कार उसी के गांव में किया गया. सफदरजंग अस्पताल में शनिवार को पीड़िता का निधन हो गया था. पीड़िता के परिवार ने मांग की थी कि जब तक मुख्यमंत्री नहीं आएंगे, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा लेकिन शीर्ष अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद वो अंतिम संस्कार करने को तैयार हो गये.

सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता ने अन्तिम सांस ली थी
परिवार ने बताया कि अविवाहित लड़कियों का अंतिम संस्कार नहीं किया जाता, इसलिये हम बेटी को दफन कर रहे हैं. उन्नाव की रेप पीड़िता जो आरोपियों द्वारा जला दी गई थी, उसने इलाज के दौरान कल दम तोड़ दिया था. सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता ने अन्तिम सांस ली थी. इससे पहले रेप पीड़िता को आरोपियों द्वारा आग लगा दी गयी थी जिसमें वो 95 प्रतिशत तक जल गयी थी.

पीड़ित परिवार को मिले 25 लाख और नौकरी
उत्तर प्रदेश सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है. लखनऊ के पुलिस कमिश्नर मुकेश मेशराम ने कहा कि पीड़िता की बहन के लिए नौकरी का प्रबंध किया जाएगा. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीड़ित परिवार को दो मकान आवंटित किए जाएंगे. साथ ही हम परिवार को आश्वस्त करते हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

उन्नाव के पीड़ित परिवार को मिलेगी सुरक्षा
पुलिस कमिश्नर ने घोषणा की कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी जायेगी. किसी भी परिजन को कोई भी समस्या का लामना नहीं करना पड़ेगा. सरकार परिवार की समुचित सुरक्षा करने के लिये प्रतिबद्ध है. बता दें कि एडीजी एस.के. भगत और कमिश्नर रेप पीड़िता के घर पहुंचे थे. वहां उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि सभी अपराधियों को कठोर सजा दी जायेगी.

पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन
लखनऊ में शनिवार को बीजेपी दफ्तर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता जमे थे जिन्हें हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया. लाठीचार्ज के बाद दोबारा लखनऊ के हजरतगंज में कांग्रेस का विरोध शुरू हो गया. पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर नेताओं को रोकने की कोशिश की. उधर गोरखपुर में भी उन्नाव मामले को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन हुआ. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी विधानसभा के बाहर सांकेतिक धरना दिया और प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया.